मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या: पांच साल पुराने मामले में कोर्ट का फैसला, उम्रकैद और अर्थदंड की दी सजा
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में वर्ष 2017 में बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पॉक्सो अधिनियम के विशेष न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा दी है।
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फर्रुखाबाद जिले में विशेष अदालत पॉक्सो के न्यायाधीश प्रेम शंकर ने सात वर्षीय भतीजी की दुष्कर्म के बाद हत्या करने के जुर्म में दोषसिद्ध होने पर चचेरे चाचा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दो लाख रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना वसूल होने पर 75 फीसदी धनराशि बालिका के माता-पिता को देने का आदेश दिया है।
कमालगंज क्षेत्र के एक गांव निवासी सात वर्षीय बालिका 20 अप्रैल 2017 की शाम को घर के बाहर खेलने गई थी। घर न आने पर पिता और बाबा उसकी तलाश करने लगे। गांव में स्थित सहकारी संघ के पुराने भवन के पीछे सूखा कुआं था। उसमें जाकर देखा तो कंबल से लपटी हुई बालिका पड़ी दिखाई दी।
उसे कुएं से बाहर निकाल कर परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए। जहां डॉक्टर ने बालिका को मृत घोषित कर दिया। बाबा ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच कर चचेरे चाचा के खिलाफ दुष्कर्म कर भतीजी की हत्या करने के जुर्म में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व वादी के अधिवक्ता महेश यादव, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विकास कटियार, प्रदीप सिंह, अनुज कटियार ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने 10 अगस्त को दुष्कर्म कर हत्या करने के जुर्म में चचेरे चाचा को दोषी करार देकर जेल भेजा था।
मंगलवार को दोषसिद्ध चचेरा चाचा जेल से कोर्ट में पेश किया गया। न्यायाधीश ने आरोपी को सजा और जुर्माने से दंडित किया। साथ ही बालिका के माता-पिता को सरकार द्वारा चल रही किसी योजना के माध्यम से प्रतिकर दिए जाने का आदेश दिया है। अगर कोई योजना नहीं चल रही है तो प्रतिकर का भुगतान राज्य सरकार को करना होगा।