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शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़े का मामला, अपात्र घोषित 540 में से 40 आवेदक मिले पात्र

Tue, 03 Aug 2021 05:28 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Tue, 03 Aug 2021 05:28 PM IST
सार

समाज कल्याण विभाग की इन दोनों योजनाओं में फर्जीवाड़े की जांच तीन महीने से चल रही है। जिलाधिकारी आलोक तिवारी ने पहले 51 अफसरों को लगाकर छह हजार आवेदन पत्रों की जांच कराई थी, जिसमें 2533 अपात्र मिले थे।

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Case of fraud in marriage grant and family benefit scheme, 40 applicants out of 540 declared ineligible got eligible
फर्जीवाड़ा

विस्तार

कानपुर में शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़े की दोबारा जांच कर रहे 41 में से सिर्फ 13 अफसरों ने सोमवार को परियोजना निदेशक आरके चौधरी को सत्यापन रिपोर्ट सौंपी। इन अफसरों ने पहली जांच में अपात्र घोषित 540 आवेदनों का सत्यापन किया था। इनमें से 40 पात्र पाए गए हैं।
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समाज कल्याण विभाग की इन दोनों योजनाओं में फर्जीवाड़े की जांच तीन महीने से चल रही है। जिलाधिकारी आलोक तिवारी ने पहले 51 अफसरों को लगाकर छह हजार आवेदन पत्रों की जांच कराई थी, जिसमें 2533 अपात्र मिले थे। इसके बाद समाज कल्याण अधिकारी समेत 22 लेखपाल निलंबित कर दिए गए थे।
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लखनऊ से आई समाज कल्याण निदेशालय की स्पेशल ऑडिट टीम ने अपात्रों के आवेदन पत्रों को खंगाला तो जांच रिपोर्ट में खामियां मिलीं। इसके बाद प्रमुख सचिव समाज कल्याण के रविंद्र नायक ने दोबारा जांच कराने के निर्देश दिए। इस पर डीएम ने 41 अफसरों की टीम लगाकर अपात्र करार दिए गए आवेदनों का सत्यापन शुरू कराया।

13 अफसरों की रिपोर्ट में पात्र मिले 40 आवेदनों को पहली जांच में यह बताकर खारिज कर दिया गया था कि संबंधित व्यक्ति बताए गए पते पर मिले ही नहीं। सोमवार को सभी अफसरों को रिपोर्ट देनी थी, लेकिन 28 अफसर अभी जांच ही नहीं पूरी कर पाए हैं।

बाबुओं पर कार्रवाई की फाइल अटकी
दोनों योजनाओं में सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा समाज कल्याण विभाग के आवेदन पत्रों में मिला है। समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह के निलंबन के बाद विभाग के बाबू प्रेम शरण और शिव गोविंद के निलंबन की संस्तुति के लिए सीडीओ डॉ. महेंद्र कुमार ने समाज कल्याण निदेशालय को पत्र भेजा था पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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