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रेमडेसिविर इंजेक्शन पकड़ने का मामला, दो कारोबारियों को सप्लाई होनी थी खेप, बेचने की थी तैयारी

Fri, 16 Apr 2021 02:36 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 16 Apr 2021 02:36 PM IST
सार

कोरोना का प्रकोप बढ़ते ही कानपुर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी शुरू हो गई है। किदवईनगर में बरामद इंजेक्शन की खेप शहर के दो दवा कारोबारियों को सप्लाई होनी थी, जहां से ये इंजेक्शन 20 से 50 हजार रुपये तक बेचने की तैयारी थी।

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Case of catching Remdesivir injection
पकड़े गए आरोपी - फोटो : amar ujala

विस्तार

कोरोना का प्रकोप बढ़ते ही शहर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी शुरू हो गई है। किदवईनगर में बरामद इंजेक्शन की खेप शहर के दो दवा कारोबारियों को सप्लाई होनी थी, जहां से ये इंजेक्शन 20 से 50 हजार रुपये तक बेचने की तैयारी थी। फिलहाल पुलिस ने कारोबारियों के बारे में कोई जिक्र नहीं किया है। आगे की जांच में उनको शामिल किया जा सकता है।
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शहर में इस तरह का खेल बड़े पैमाने पर हो रहा है। एसटीएफ और मिलिट्री इंटेलिजेंस की टीम तफ्तीश आगे बढ़ाएगी। रेमडेसिविर इंजेक्शन की शहर में बड़े पैमाने पर मांग है। इससे इसकी कालाबाजारी शुरू हो गई है। इसमें शहर के ही दो दवा कारोबारियों की संलिप्तता सामने आ रही है। आरोपियों के जरिये इन कारोबारियों तक ये खेप पहुंचनी थी। सूत्रों के मुताबिक एक अफसर ने कारोबारियों से पूछताछ की और फटकार भी लगाई।
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खुद कैसे खपाते इतने इंजेक्शन
पुलिस ने अभी तक यह खुलासा नहीं किया कि पूरी खेप आरोपी किसको पहुंचाने वाले थे। हालांकि, यह स्पष्ट है कि इतनी अधिक संख्या में इंजेक्शन किसी दवा कारोबारी के जरिये ही खपाने की तैयारी थी। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस दवा कारोबारियों को बचाने की कोशिश में जुट गई है। यही वजह है कि खेप किसके पास पहुंचनी थी, इसे स्पष्ट नहीं किया गया। 

पुलिस का भी दावा 
पुलिस का दावा है कि मोहन सोनी का पश्चिम बंगाल निवासी अपूर्व मुखर्जी से लेनदेन चलता है। मोहन को अपूर्व से करीब एक लाख रुपये लेने थे। इसके बदले में अपूर्व ने इंजेक्शन की खेप भेजी। अपूर्व एक फार्मा कंपनी से जुड़ा है। यह तर्क गले नहीं उतर रहा है। किसी का अगर पैसा उधार होगा तो वो उसके बदले में इंजेक्शन क्यों लेगा। वहीं दूसरा तर्क है कि मोहन ने इसकी जानकारी फेसबुक पर शेयर की और इंजेक्शन उपलब्ध होने की बात लिखी। कुछ इंजेक्शन लेने के लिए हरियाणा से सचिन आया था। 

आरोपियों का कृत्य मानवता के विरुद्ध बेहद गंभीर अपराध है। इसलिए आरोपियों पर एनएसए लगाया जाएगा। पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा, जो भी इसमें शामिल होगा सभी पर कार्रवाई होगी।
असीम अरुण, पुलिस कमिश्नर कानपुर

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