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“फंसे दरोगा जी”: लड़की का आया वीडियो कॉल, जाल में फंसाकर किया ब्लैकमेल, पढ़ें पूरा मामला

Wed, 09 Nov 2022 07:24 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 09 Nov 2022 07:24 AM IST
सार

आउटर पुलिस लाइन में तैनात एक दरोगा को अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। दरोगा के पास व्हाट्सएप वीडियो चैट का लिंक आया था। इसके बाद युवती ने मीठी-मीठी बातें कर उनको फंसाया। ब्लैकमेलिंग करते हुए मोटी रकम की मांग की।

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Case of blackmailing a police officer by making obscene videos in Kanpur
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में साइबर ठगों के जाल में एक दरोगा फंस गया। व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल कर मीठी-मीठी बातें की और अश्लील वीडियो बना लिया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवती उसको ब्लैकमेल करने लगी। मोटी रकम की मांग की। दरोगा दहशत में आ गया।

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अपने कुछ परिचितों से इसके बारे में बताया। उन्होंने उस नंबर को ही बंद करवा दिया। बदनामी के डर से उसने शिकायत भी नहीं की। साइबर ठगों के गिरोह में बड़े पैमाने पर युवतियां शामिल हैं। वह अनजान शख्स को व्हाट्सएप पर वीडियो चैट करने के लिए आमंत्रित करती हैं।
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कोई न कोई उनके जाल में फंस जाता है। यही दरोगा के साथ हुआ। दरोगा के पास जब रिक्वेस्ट आई, तो वह झांसे में आ गया। पहले चैट से बात हुई और फिर वीडियो कॉल आई, जिसे दरोगा ने रिसीव कर लिया। दूसरी तरफ एक युवती निर्वस्त्र थी। युवती ने दरोगा को जाल में फंसाया।

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कुछ मिनट तक वीडियो कॉल और अश्लील वीडियो बना लिया। युवती ने पैसों की मांग की। कुछ पैसा दरोगा ने भेज भी दिया। जब ज्यादा परेशान हुआ तब उसने एक साथी पुलिस अधिकारी को इस बारे में बताया। उन्होंने तत्काल मोबाइल नंबर बंद कराया। तब जाकर छुटकारा मिला। दरोगा अभी भी दहशत में है।

अब तक 88 शिकायतें पहुंची
साइबर ठगी का गिरोह इस तरीके से ठगी को अंजाम देने में लगे हैं। जिन नंबरों से व्हाट्सएप इस्तेमाल करते हैं वह फेक आईडी पर होती है। वह प्रीएक्टिवेटेड सिमों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे वह ट्रेस न हों। साइबर सेल में लगातार इस तरह से ब्लैकमेलिंग व ठगी के मामले पहुंच रहे हैं। इस साल अब तक 88 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।

सरकारी कर्मचारी निशाने पर
पुलिस विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सीयूजी नंबरों पर सबसे अधिक इस तरह की रिक्वेस्ट आ रही हैं। साइबर ठगों को पता है कि ये सरकारी नंबर है। कोई अधिकारी है, तो कोई कर्मचारी। जो जाल में फंसेगा वह ठीक पैसा देगा। बदनामी के डर से किसी से शिकायत भी नहीं करेगा। एक दिन में आठ-दस बार तक रिक्वेस्ट आ रही हैं।

सावधानी बरतें

  • अनजान व्यक्ति से चैट या वीडियो कॉल न करें।
  • किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
  • अगर कोई लड़की बात करने के लिए रिक्वेस्ट भेजे तो उसको नजरअंदाज करें।
  • अगर ब्लैकमेलिंग का शिकार हो रहे हैं तो तत्काल साइबर सेल में शिकायत दर्ज करें।
  • व्हाट्सएप नंबर पर लगाई गई डीपी फेक होती है, उन पर भरोसा न करें।
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