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Kanpur News: खड़िया मिलाकर ब्रांडेड दवाएं बेचने में फर्म पर मुकदमा दर्ज

Tue, 11 Nov 2025 02:41 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 11 Nov 2025 02:41 AM IST
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Case filed against firm for selling branded medicines mixed with chalk
कानपुर। बिरहाना रोड स्थित मेसर्स निगम ब्रदर्स नामक फर्म पर नकली दवाएं बेचने के आरोप में ड्रग इंस्पेक्टर रेखा सचान ने सीएमएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया है। इन दवाओं में खड़िया और चूने का इस्तेमाल किया गया है। इस मामले में तीन साल से लेकर आजीवन कारावास तक सजा का प्रावधान है।
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ड्रग विभाग ने आठ अगस्त 2024 में इनकी फर्म में छापा मारकर 15 दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे थे। इसमें छह नमूने लैब में नकली पाए गए। बाकी दवाओं को उन कंपनियों ने मना कर दिया कि ये मेरे उत्पाद नहीं है। इसके बाद से उन्हें भी नकली की श्रेणी में रखा गया। सभी 15 दवाओं के नकली पाए जाने पर प्रोपराइटर ज्ञानवीर निगम से दवाओं की खरीद के दस्तावेज मांगे गए। वह दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए तो विभाग ने उनके खिलाफ सोमवार को मुकदमा दर्ज करा दिया। ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल व रेखा सचान ने बताया कि जांच के बाद रिपोर्ट में दवाइयां नकली पाई गईं। इन दवाओं में खड़िया या चूने का इस्तेमाल कर रहे थे। ऐसी दवाओं से नुकसान तो नहीं होता है, लेकिन ये सभी महंगी दवाएं हैं, जिसे खाने पर बीमारी पर इसका कोई सकारात्मक असर नहीं पड़ता है।
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पैकेजिंग देख हुआ था शक

ड्रग इंस्पेक्टर रेखा सचान और ओमपाल सिंह ने बताया कि आठ अगस्त को जांच के दाैरान फंगल इंफेक्शन, डायबिटीज, हाईपरटेंशन दर्द, बुखार, गैस, एलर्जी आदि के दवाओं की पैकेजिंग देख शक हुआ था। इस पर उनके नमूने लिए। इसमें से सात दवाएं नामी कंपनियों की थी, जिसमें मोंटेयर एलसी टैब, केनकॉर्ड इंजेक्शन, डेफकॉर्ड टेबलेट-फंगल इंफेक्शन की दवा, ग्लैमस्टार एम-2 ये डाइबिटीज की दवा है, ग्लीकाइंड टेबलेट, कैल्शियम डी-3, ईब्यूजेसिक बुखार की दवा जो जांच में नकली पाए गए।
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इनसेट-
कानपुर देहात, फर्रुखाबाद और बिहार से लेकर मध्य प्रदेश तक सप्लाई होती थीं दवाएं
निगम ब्रदर्स फर्म से थोक में दवाओं की सप्लाई होती थी। इनके यहां से दवाएं कानपुर देहात, कन्नौज, हरदोई, फर्रुखाबाद से लेकर अन्य राज्यों जैसे बिहार, मध्य प्रदेश तक में सप्लाई की जाती थीं। दवा व्यापारियों के अनुसार ये लोग दवा के बिल में भी हेरफेर करते थे। ग्रामीण क्षेत्र में लोगों में जागरुकता की कमी के चलते ये उसी का फायदा उठाते थे। बिना बिल के दवाएं बेचते थे। बताया जा रहा है कि अब जिस जगह ज्ञानवीर निगम का मेसर्स निगम ब्रदर्स फर्म थी। उसी जगह पर नए मेडिकल स्टोर को वो फिर से शुरू कर रहा है। इस बार नया नाम रखा गया है, जिसका बोर्ड भी तैयार कर दिया गया है।
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