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Kanpur News: कैंसर का इलाज अब घर के पास, सात जिलों में खुलेंगे डे-केयर कीमोथैरेपी सेंटर

Thu, 05 Feb 2026 01:47 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 05 Feb 2026 01:47 AM IST
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Cancer treatment now closer to home, day-care chemotherapy centres to open in seven districts
कानपुर। कैंसर रोगियों को अब इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत प्रदेश के सात जिलों कानपुर देहात, औरैया, झांसी, उरई, इटावा, कन्नौज और फर्रुखाबाद में डे-केयर सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर मुंह, सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर के रोगियों को कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। केंद्र बनने के बाद दूरदराज के इलाकों में रहने वाले मरीजों को इलाज के लिए कानपुर, लखनऊ या दिल्ली जैसे बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
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योजना की सफलता के लिए जेके कैंसर संस्थान में तीन मास्टर ट्रेनर डॉ. वसीम रजा, डॉ. प्रमोद और डॉ. अर्चना को नियुक्त किया गया है। ये विशेषज्ञ जिलेवार अस्पतालों के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को कैंसर के शुरुआती लक्षणों की पहचान, दवा की सही खुराक, जांच प्रक्रिया और कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों के प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे। बुधवार को लखनऊ में आयोजित बैठक में जेके कैंसर संस्थान की ओर से डॉ. वसीम रजा और हैलट के सर्जरी विभाग से डॉ. आशीष चौधरी ने भाग लिया। डॉ. वसीम ने बताया कि इस व्यवस्था से मौसम की प्रतिकूलता या अन्य किसी भी समस्या के कारण रोगी की कीमोथेरेपी बाधित नहीं होगी।
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नई व्यवस्था लागू होने से मरीजों को इलाज के लिए छोटी-छोटी सलाह या दवा के लिए भी बार-बार शहर नहीं आना पड़ेगा। इससे न केवल यात्रा का खर्च बचेगा, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी भी कम होगी। मास्टर ट्रेनर यह भी सिखाएंगे कि कीमोथेरेपी कैसे दी जाती है और इसके दौरान होने वाली कठिनाइयों का सामना कैसे किया जाए। केवल अत्यंत जटिल और गंभीर मामलों में ही मरीजों को बड़े विशेषज्ञ केंद्रों पर रेफर किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में एएनएम और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगी और शुरुआती लक्षणों के आधार पर मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर केंद्र लाकर इलाज शुरू कराएंगी, जिससे रोग को गंभीर होने से रोका जा सके। हैलट अस्पताल को भी इस प्रशिक्षण का हिस्सा बनाया गया है, जहां सर्जरी विभाग के डॉ. आशीष चौधरी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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निदेशक, जेके कैंसर इंस्टीट्यूट, डॉ. एसएन प्रसाद ने कहा कि सरकार की मंशा है कि कैंसर जैसे गंभीर रोग का इलाज मरीज को घर के नजदीक मिले। डे-केयर कीमोथेरेपी सेंटर की सफलता जिला अस्पतालों के स्वास्थ्य कर्मियों के पूर्ण प्रशिक्षण पर निर्भर करेगी। मास्टर ट्रेनिंग मॉडल से दवा, निगरानी और इलाज की सुविधा जिला स्तर पर ही उपलब्ध होगी। इससे बड़े कैंसर केंद्रों पर मरीजों का लोड कम होगा।
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