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गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की मुहिम, एक घंटे में एक साथ रोपे गए 30 प्रजातियों के पौधे
Wed, 29 Jul 2020 12:25 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 29 Jul 2020 12:25 AM IST
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गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की मुहिम
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के बांदा सहित आठ जनपदों में एक ही दिन एक घंटे में 240 प्रजातियों के पौधरोपण का विश्व रिकार्ड बनाने की मंगलवार को कृषि विश्वविद्यालय परिसर में धूम रही। वन विभाग के तत्वावधान में भव्य तैयारियों के बीच 30 प्रजातियों के 12-12 पौधे (कुल 360) रोपे गए।
कहा गया था कि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे। यह गलत साबित हुआ। कोई प्रतिनिधि नहीं आया। पूरे कार्यक्रम की वीडियोग्राफी की गई। कुल 70 मिनट कार्यक्रम चला। प्रदेश के आठ जनपदों में मंगलवार को यह विशेष अभियान आयोजित हुआ। इसमें बांदा भी शामिल है। सुबह 10 से 11 बजे तक पौध रोपे गए।
प्रभागीय वनाधिकारी संजय अग्रवाल ने बताया कि इसके लिए 2-2 सदस्यीय 15 टीमें बनाई गई थीं। कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आधा हेक्टेयर भूमि में 30 किस्मों के पौधे एक साथ रोपे गए। इस अभियान की अगुवाई चित्रकूटधाम मंडल के वन संरक्षक कृष्ण कुमार सिंह ने की।
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डीएम अमित सिंह बंसल और सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह ने भी पौधरोपण किया। कुल 360 पौधे लगाए गए। कृषि विश्वविद्यालय की डॉ.पूनम (प्रोफेसर ऑफ फॉरेस्ट बायलॉजी), डॉ.अर्चना खरे (प्रोफेसर बॉटनी, पंडित जेएन कालेज, बांदा) भी उपस्थित थीं। डीएफओ ने दावा किया कि आज तक ऐसा कहीं नहीं हुआ कि एक ही स्थान पर 30 प्रजाति के पौधे रोपे गए हों। लगाए गए पौधों में बूटा, कुमट्ठा, भुड़कुप, कुंभी, हरीचंपा, मदनमस्त, करधई, कपुत्रजीवा, सोमवल्ली आदि शामिल हैं। क्षेत्रीय वनाधिकारी श्यामलाल ने तैयारी कराई।
इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमा बनाईं
लॉकडाउन में बाहरी मूर्तिकारों का आगमन न हो पाने पर इस वर्ष श्रद्धालुओं को छोटी गणेश प्रतिमाएं उपलब्ध कराने के लिए इको फ्रेंडली मूर्तियां तैयार की जा रही हैं। आर्ट क्राफ्ट डांस स्टूडियो में बालक-बालिकाएं मिट्टी से मूर्तियां तैयार कर रहे हैं। स्टूडियो निर्देशक रश्मी गुप्ता निशा ने बताया कि हस्त निर्मित मूर्तियां पूरी तरह इको फ्रेंडली हैं। इन्हें घर पर ही विसर्जित किया जा सकेगा। श्रद्धालु मूर्ति हासिल करने के लिए शाम 4 से 6 के बीच संपर्क कर सकते हैं।
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कहा गया था कि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे। यह गलत साबित हुआ। कोई प्रतिनिधि नहीं आया। पूरे कार्यक्रम की वीडियोग्राफी की गई। कुल 70 मिनट कार्यक्रम चला। प्रदेश के आठ जनपदों में मंगलवार को यह विशेष अभियान आयोजित हुआ। इसमें बांदा भी शामिल है। सुबह 10 से 11 बजे तक पौध रोपे गए।
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प्रभागीय वनाधिकारी संजय अग्रवाल ने बताया कि इसके लिए 2-2 सदस्यीय 15 टीमें बनाई गई थीं। कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आधा हेक्टेयर भूमि में 30 किस्मों के पौधे एक साथ रोपे गए। इस अभियान की अगुवाई चित्रकूटधाम मंडल के वन संरक्षक कृष्ण कुमार सिंह ने की।
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डीएम अमित सिंह बंसल और सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह ने भी पौधरोपण किया। कुल 360 पौधे लगाए गए। कृषि विश्वविद्यालय की डॉ.पूनम (प्रोफेसर ऑफ फॉरेस्ट बायलॉजी), डॉ.अर्चना खरे (प्रोफेसर बॉटनी, पंडित जेएन कालेज, बांदा) भी उपस्थित थीं। डीएफओ ने दावा किया कि आज तक ऐसा कहीं नहीं हुआ कि एक ही स्थान पर 30 प्रजाति के पौधे रोपे गए हों। लगाए गए पौधों में बूटा, कुमट्ठा, भुड़कुप, कुंभी, हरीचंपा, मदनमस्त, करधई, कपुत्रजीवा, सोमवल्ली आदि शामिल हैं। क्षेत्रीय वनाधिकारी श्यामलाल ने तैयारी कराई।
इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमा बनाईं
लॉकडाउन में बाहरी मूर्तिकारों का आगमन न हो पाने पर इस वर्ष श्रद्धालुओं को छोटी गणेश प्रतिमाएं उपलब्ध कराने के लिए इको फ्रेंडली मूर्तियां तैयार की जा रही हैं। आर्ट क्राफ्ट डांस स्टूडियो में बालक-बालिकाएं मिट्टी से मूर्तियां तैयार कर रहे हैं। स्टूडियो निर्देशक रश्मी गुप्ता निशा ने बताया कि हस्त निर्मित मूर्तियां पूरी तरह इको फ्रेंडली हैं। इन्हें घर पर ही विसर्जित किया जा सकेगा। श्रद्धालु मूर्ति हासिल करने के लिए शाम 4 से 6 के बीच संपर्क कर सकते हैं।