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Kanpur News: कंबोडिया के अपराधियों ने रिटायर्ड शिक्षिका से ठगे थे 1.57 करोड़

Sun, 29 Mar 2026 02:42 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 29 Mar 2026 02:42 AM IST
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Cambodian criminals duped a retired teacher of Rs 1.57 crore
कानपुर। शहर में बड़े स्कूल को खोलकर उसके संचालन की जिम्मेदारी देने का झांसा देकर रिटायर्ड शिक्षिका से 1.57 करोड़ की ठगी कंबोडिया के साइबर अपराधियों ने की थी। ठगों ने नए तरह के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर हस्तियों से संपर्क बताकर वारदात की। यह जानकारी साइबर क्राइम ब्रांच को व्हाट्सएप कॉलिंग और चैटिंग की जांच से हुई है। अपराधियों ने वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) कंबोडिया का इस्तेमाल किया। पुलिस ने बैंक को मेल कर दो साल के लेनदेन की डिटेल मांगी है।
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चकेरी के आनंदनगर निवासी एलिसन वीम्स मेथाडिस्ट हाई स्कूल से सेवानिवृत्त हैं। उनसे शातिरों ने 25 जनवरी 2025 से 20 फरवरी 2026 तक विभिन्न खातों में 1.57 करोड़ रुपये ठग लिए। फेसबुक पर उनकी पहचान एक व्यक्ति से हुई जिसने स्वयं को मार्क जुकरबर्ग बताया। कानपुर में स्कूल का व्यवसाय करने का झांसा दिया। फिर उनका संपर्क सोशल मीडिया के माध्यम से जॉश टर्नर नामक युवक से हुआ। उसने स्वयं को अमेरिकी गायक व एलन मस्क का सहयोगी बताया। उसने स्कूल खोलने व उसमें उन्हें नौकरी देने का आश्वासन दिया।
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शातिरों ने रिटायर्ड शिक्षिका से नौकरी, निवेश, प्रोसेसिंग फीस समेत अन्य कार्यों के लिए रकम जमा कराई। रुपये जमा करने के बाद उनसे मिरेकल गिवर्स नाम के व्यक्ति ने संपर्क किया। उसने धनराशि वापस दिलाने का आश्वासन देकर और रुपये जमा कराए। इसके बाद अधिवक्ता और साइबर क्राइम इंस्पेक्टर बन और राशि ली गई। साइबर क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सतीश चंद्र यादव ने बताया कि शातिर कंबोडिया के वीपीएन का इस्तेमाल कर रहे थे। इसकी और जानकारी जुटाने के लिए इंडिया साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आईफोरसी) की मदद ली जा रही है।
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अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की ठगी में शातिरों ने आर्टिफिशेल इंटेलीजेंस आधारित कुछ नए तरह के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है। इसकी मदद से उन्होंने शिक्षिका से बातचीत भी की जिससे वह भी धोखा खा गईं। शातिरों के बोलने का तरीका अमेरिका की लैंग्वेज जैसा था।


साइबर क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक शातिरों की जांच करने पर 30 से अधिक नंबर मिले हैं जिनकी जांच कराई जा रही है। यह फर्जी नंबर या देश में म्यूल अकाउंट बनाने में सहयोग करने वाले हो सकते हैं। इनकी जांच कराई जा रही है। इनमें से कुछ नंबर महाराष्ट्र और राजस्थान के हैं।
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