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सीएए विरोध: 23 फरवरी को दिल्ली से असम तक निकलेगी रैली, डिटेंशन सेंटर का करेंगे घेराव
Sat, 08 Feb 2020 04:17 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 08 Feb 2020 04:17 AM IST
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प्रदर्शन में संदीप पांडेय ने किया संबोधित
- फोटो : अमर उजाला
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नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ मोहम्मद अली पार्क में धरना दे रही महिलाओं का मैग्सेसे पुरस्कार विजेता संदीप पांडेय ने गुरुवार को हौसला बढ़ाया। बोले, सीएए भेदभाव वाला कानून है और एनआरसी से सभी को खतरा है। यह सिर्फ मुस्लिमों के लिए दिक्कत नहीं है। बताया कि आजादी के रणबांकुरों के आदर्शों को बनाए रखना संवैधानिक कर्तव्य है।
कानपुर में सीएए के विरोध में चल रहा धरना
- फोटो : अमर उजाला
इसके पहले उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वे 23 फरवरी से दो मार्च तक दिल्ली से असम तक वाहन यात्रा निकालेंगे। इसके साथ ही दो मार्च को असम के ग्वालपाड़ा स्थित डिटेंशन सेंटर का घेराव करेंगे। गुरुवार रात को संदीप पांडेय के मोहम्मद अली पार्क पहुंचते ही पुलिस बल भी आ गया। महिला प्रशासनिक अधिकारी मंच पर जाकर बैठ गईं।
कई हफ्तो से जारी है धरना
- फोटो : अमर उजाला
पांडेय ने पहले सीएए और एनआरसी के बारे में बताया, फिर इससे होने वाले नुकसान के बारे में बताया। उदाहरण असम का दिया, बोले - वहां 19 लाख में 14 लाख हिंदू हैं। सरकार के दमनकारी रवैये की आलोचना की। अधिकारियों के वहां रहने पर सवाल उठाया। इस पर महिला प्रशासनिक अधिकारी बोलीं, कि आप की तरह हम भी समझाने के लिए ही आए हैं।
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सीएए के विरोध में कई दिनों से जारी धरना
- फोटो : अमर उजाला
महिलाओं को संवैधानिक कर्तव्य के बारे में बताया। बोले, महिलाएं महात्मा गांधी, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, बाबा साहब आंबेडकर, सावित्री बाई फूले आदि की फोटो के साथ आंदोलन कर रही हैं। यही संवैधानिक कर्तव्य है। इस मौके पर इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए गए।
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पुलिस ने कसा शिंकजा
- फोटो : अमर उजाला
इसके पहले प्रेस क्लब में संदीप पांडेय ने नागरिक संशोधन कानून, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर, डिटेंशन केंद्र विरोधी उत्तर प्रदेश समन्वय समिति और लोकतंत्र बचाओ आंदोलन के बैनर तले आयोजित वार्ता में मीडियाकर्मियों से सीएए के खिलाफ सरकार के दमनकारी रवैये की आलोचना की।