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‘स्पेशल 26’ गैंग के निशान पर बड़े कारोबारी, ‘नहीं समझे तो मानो लुट गए’

Fri, 05 May 2017 10:24 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 05 May 2017 10:24 AM IST
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businessman on target of fake income tax officials
डेमो पिक

आयकर विभाग के नाम पर कारोबारियों को फर्जी नोटिस थमाकर ठगने वाला गैंग एक्टिव है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिससे ये साबित हो रहा है कि बड़े कारोबारी इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट से ज्यादा ठगों के निशाने पर हैं। हाल ही में यूपी के औद्योगिक शहर कहे जाने वाले कानपुर के तीन कारोबारी के साथ भी ऐसा ही वाकया हुआ। ठगों ने नोटबंदी के दौरान बैंकों में जमा नकदी के आधार पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा। कारोबारियों ने नोटिस में लिखे मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो इन ठगों ने दबाव बनाकर उनसे रुपये ऐंठ लिए। ये ठग फिल्म ‘स्पेशल-26’ वाले गैंग की तरह काम करते हैं पूरी टीम के साथ छापा मारने पहुंच जाते हैं और अपना टार्गेट अचीव कर गायब हो जाते हैं।    

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जारी नोटिस में 15 मई तक का समय

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डेमो पिक

दरअसर ‘स्पेशल-26’ गैंग द्वारा भेजा जाने वाला फर्जी नोटिस भी उसी तरह का दिखता है जैसा आयकर विभाग जारी करता है। इस तरह से ठगी करने वालों के नोटिस देख कुछ कारोबारियों ने आयकर निदेशालय (जांच) विभाग में संयुक्त आयुक्त (जांच) अमरेश तिवारी से संपर्क किया तो मामला उनके संज्ञान में आया। जब उन्होंने नोटिस की फोटोकापी देखी तो उसमें कई गल्तियां मिलीं। नोटिस में कहा गया है कि नोटबंदी के दौरान एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट जमा करने में कर चोरी के मामले की जांच की जाएगी। इस मामले में उनकी फर्म को स्पष्टीकरण देना होगा। 30 मार्च 2017 को जारी नोटिस में 15 मई 2017 तक का समय दिया गया है।

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कारोबारियों को किया जा रहा आगाह

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डेमो पिक
इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट आमतौर पर अधिकारियों के पदनाम से ही नोटिस जारी करते हैं। जबकि फर्जी नोटिस में ऐसा नहीं होता। नोटिस का नंबर डिस्पैच में हाथ से लिखा जाता है। साथ ही कभी भी नोटिस में इतना लंबा समय नहीं दिया जाता है, तीन-चार दिन या अधिकतम एक सप्ताह का ही समय मिलता है। आयकर द्वारा जारी की गई नोटिस पर जारी करने वाले अधिकारी का स्पष्ट नाम अंकित होता है और उसके ऊपर वे हस्ताक्षर करते हैं। इसमें रसीदी टिकट भी लगा है जो नहीं लगाया जाता है। विभाग के फोन नंबर के स्थान पर मोबाइल नंबर लिखा गया है वह भी बंद आ रहा है। मेल आइडी भी गलत है। यूपी सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष महेश चंद्र जैन ने कानपुर आयकर अधिकारियों से मिलकर इस संबंध में बात की है साथ ही कारोबारियों को भी आगाह किया जा रहा है कि टैक्स बचाने के लिए फर्जी आयकर अधिकारी के चक्कर में न पड़ें तुरंत आयकर विभाग से संपर्क करें।
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