{"_id":"5ecad3ae8ebc3e909f68f661","slug":"business-ramadevi-news-knp5618731117","type":"story","status":"publish","title_hn":"सस्ती कारों के अच्छे दिन आएंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सस्ती कारों के अच्छे दिन आएंगे
विज्ञापन
कानपुर। कोरोना संक्रमण की वजह से अभी ऑटोमोबाइल कंपनियों का वक्त भले ही खराब चल रहा हो, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाला वक्त काफी अच्छा रहेगा। लॉकडाउन पूरी तरह खुलने के बाद कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए मध्यमवर्गीय और निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों में सस्ती कार से चलने का चलन बढ़ेगा। नौकरी पेशा वर्ग और सामान्य स्तर का कारोबार करने वाला व्यक्ति सार्वजनिक परिवहन से यात्रा करने से बचेगा। वे सफर के लिए कारों को ज्यादा तरजीह देंगे। देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों के सर्वे में यह बात सामने आई है।
ऑटोमोबाइल कंपनियों के डीलर बताते हैं कि देश में अगले तीन से चार महीने में निजी वाहनों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि महंगी कारों की मांग में बहुत अधिक फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन सामान्य आय वर्ग का व्यक्ति कम कीमत वाली कारों में चलना पसंद करेगा। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में चार से सात लाख रुपये कीमत वाली कारों के उत्पादन और बिक्री में तेजी आएगी। कार खरीदने वालों की भी संख्या बढ़ेगी।
पुरानी कारों की भी बढ़ेगी मांग
पुरानी कार बेचने वाली ऑटोमोबाइल कंपनियों को भी निकट भविष्य में बेहतर बाजार की उम्मीद दिख रही है। डीलरों का मानना है कि जो लोग नई कार का खर्च वहन नहीं कर सकते, वे पुरानी कार की ओर रुख करेंगे। इससे पुरानी कारों का बाजार बढ़ेगा। शहर में तीन से चार डीलर पुरानी कारों की बिक्री करते हैं।
विज्ञापन
डीलरों को उम्मीद
तिरुपति हुुंडई के प्रबंधक शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि ऑटोमोबाइल कंपनियों ने अलग-अलग तरह का मार्केट सर्वे कराया है। उसमें यही बात सामने आई हैं कि कोरोना संक्रमण के प्रभाव के चलते सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल में कमी आएगी। लोग निजी वाहनों की ओर बढ़ सकते हैं। लोग सुरक्षा के नजरिये से सस्ती कारों का विकल्प तलाश सकते हैं। अब यदि कोई व्यक्ति आसपास के जिले से शहर में नौकरी करने आ रहा है या यहां से जा रहा है तो बस या ट्रेन के सफर से बचेगा। परिवार के साथ कम दूरी की यात्रा भी बस से करने से बचेगा। इस लिहाज से कम कीमत वाली कारों की मांग बढ़ने वाली है।
केटीएल के उप महाप्रबंधक अमित श्रीवास्तव का कहना है कि संक्रमण से बचाव के लिहाज से लोग कार के सफर को तरजीह देने वाले हैं। इससे सफर के दौरान शारीरिक दूरी का पालन बेहतर तरीके से होगा। सार्वजनिक वाहनों के इस्तेमाल से लोग बच रहे हैं। शोरूम खुले हुए अभी दो चार दिन ही हुए हैं लेकिन अगले सप्ताह के लिए कई बुकिंग हो चुकी हैं। माना जा रहा है कि लॉकडाउन खुलने के बाद बाजार का परिदृश्य बदलेगा।
विज्ञापन
ऑटोमोबाइल कंपनियों के डीलर बताते हैं कि देश में अगले तीन से चार महीने में निजी वाहनों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि महंगी कारों की मांग में बहुत अधिक फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन सामान्य आय वर्ग का व्यक्ति कम कीमत वाली कारों में चलना पसंद करेगा। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में चार से सात लाख रुपये कीमत वाली कारों के उत्पादन और बिक्री में तेजी आएगी। कार खरीदने वालों की भी संख्या बढ़ेगी।
विज्ञापन
पुरानी कारों की भी बढ़ेगी मांग
पुरानी कार बेचने वाली ऑटोमोबाइल कंपनियों को भी निकट भविष्य में बेहतर बाजार की उम्मीद दिख रही है। डीलरों का मानना है कि जो लोग नई कार का खर्च वहन नहीं कर सकते, वे पुरानी कार की ओर रुख करेंगे। इससे पुरानी कारों का बाजार बढ़ेगा। शहर में तीन से चार डीलर पुरानी कारों की बिक्री करते हैं।
विज्ञापन
डीलरों को उम्मीद
तिरुपति हुुंडई के प्रबंधक शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि ऑटोमोबाइल कंपनियों ने अलग-अलग तरह का मार्केट सर्वे कराया है। उसमें यही बात सामने आई हैं कि कोरोना संक्रमण के प्रभाव के चलते सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल में कमी आएगी। लोग निजी वाहनों की ओर बढ़ सकते हैं। लोग सुरक्षा के नजरिये से सस्ती कारों का विकल्प तलाश सकते हैं। अब यदि कोई व्यक्ति आसपास के जिले से शहर में नौकरी करने आ रहा है या यहां से जा रहा है तो बस या ट्रेन के सफर से बचेगा। परिवार के साथ कम दूरी की यात्रा भी बस से करने से बचेगा। इस लिहाज से कम कीमत वाली कारों की मांग बढ़ने वाली है।
केटीएल के उप महाप्रबंधक अमित श्रीवास्तव का कहना है कि संक्रमण से बचाव के लिहाज से लोग कार के सफर को तरजीह देने वाले हैं। इससे सफर के दौरान शारीरिक दूरी का पालन बेहतर तरीके से होगा। सार्वजनिक वाहनों के इस्तेमाल से लोग बच रहे हैं। शोरूम खुले हुए अभी दो चार दिन ही हुए हैं लेकिन अगले सप्ताह के लिए कई बुकिंग हो चुकी हैं। माना जा रहा है कि लॉकडाउन खुलने के बाद बाजार का परिदृश्य बदलेगा।