{"_id":"68585f0d3d188b07060d08e8","slug":"business-activity-found-in-the-house-fine-imposedbusiness-activity-found-in-the-house-fine-imposed-kanpur-news-c-220-1-akb1002-128134-2025-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: मकान में मिली कारोबारी गतिविधि, अर्थदंड लगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: मकान में मिली कारोबारी गतिविधि, अर्थदंड लगा
Mon, 23 Jun 2025 01:22 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Mon, 23 Jun 2025 01:22 AM IST
विज्ञापन
कानपुर देहात। रसूलाबाद में क्रय किए गए मकान में कारोबारी गतिविधि मिलीं। डीएम कोर्ट ने पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अब 91, 880 रुपये व डेढ़ फीसदी साधारण ब्याज जमा करने का आदेश दिया है।
झींझक निवासी शहनाज बेगम ने 3 अगस्त 2021 को रसूलाबाद में 8 कमरे का मकान खरीदा था। समस्त निर्माण आरसीसी द्वितीय श्रेणी का दर्शाया गया। स्थलीय निरीक्षण में बैनामा से इतर स्थिति पाई गई। निर्माण आरसीसी प्रथम श्रेणी का पाया गया। वहीं मकान में कारोबारी गतिविधि मिलीं। डीएम कोर्ट में सुनवाई हुई। नोटिस पर क्रेतनी उपस्थित हुई।
तर्क दिया कि बैनामा के करीब 14 माह तक कोई कारोबारी गतिविधि नहीं की गई। एडीएम वित्त एवं राजस्व ने 28 अक्तूबर 2022 को निरीक्षण किया है। कोर्ट ने गुणदोष के आधार पर स्टांप शुल्क कम अदा करना पाया। बैनामा की छायाप्रति अवरुद्ध कर पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अब 91, 880 रुपये व डेढ़ फीसदी प्रतिमाह की दर से साधारण ब्याज जमा करने का आदेश दिया। एक माह में संपूर्ण धनराशि जमा नहीं करने पर भूराजस्व की भांति वसूली की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
झींझक निवासी शहनाज बेगम ने 3 अगस्त 2021 को रसूलाबाद में 8 कमरे का मकान खरीदा था। समस्त निर्माण आरसीसी द्वितीय श्रेणी का दर्शाया गया। स्थलीय निरीक्षण में बैनामा से इतर स्थिति पाई गई। निर्माण आरसीसी प्रथम श्रेणी का पाया गया। वहीं मकान में कारोबारी गतिविधि मिलीं। डीएम कोर्ट में सुनवाई हुई। नोटिस पर क्रेतनी उपस्थित हुई।
विज्ञापन
तर्क दिया कि बैनामा के करीब 14 माह तक कोई कारोबारी गतिविधि नहीं की गई। एडीएम वित्त एवं राजस्व ने 28 अक्तूबर 2022 को निरीक्षण किया है। कोर्ट ने गुणदोष के आधार पर स्टांप शुल्क कम अदा करना पाया। बैनामा की छायाप्रति अवरुद्ध कर पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अब 91, 880 रुपये व डेढ़ फीसदी प्रतिमाह की दर से साधारण ब्याज जमा करने का आदेश दिया। एक माह में संपूर्ण धनराशि जमा नहीं करने पर भूराजस्व की भांति वसूली की जाएगी।
विज्ञापन