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बस हादसा: 300 किमी से ज्यादा दूरी पर डबल ड्राइवर भेजने का नियम है, अकेला चालक 12 घंटे से चला रहा था बस
Mon, 19 Oct 2020 09:57 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
सुहेल खान, अमर उजाला, कानपुर
सुहेल खान, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 19 Oct 2020 09:57 AM IST
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बिजनौर बस हादसा
- फोटो : amar ujala
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बिजनौर के धामपुर में फजलगंज डिपो की बस के दुर्घटनाग्रस्त होने के पीछे कई लापरवाहियां सामने आई हैं। जब यह हादसा हुआ तब ड्राइवर पिछले 12 घंटे तक लगातार बस चला चुका था। इसमें सबसे बड़ी लापरवाही रात्रिकालीन सेवाओं और 300 किमी से अधिक की दूरी पर डबल ड्राइवर भेजने के आदेश की धज्जियां उड़ाया जाना रहा।
दूसरी लापरवाही कानपुर से सिर्फ एक बस के उत्तराखंड के हरिद्वार तक जाने की अनुमति होने के बाद भी कई बसों के बिना अनुमति यूपी की सीमा नजीबाबाद के बजाय हरिद्वार तक जाना सामने आया है। ड्राइवर यशपाल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जबकि परिचालक सुनील सविता के बयान बिजनौर के रोडवेज ऑफिस में दर्ज कराए गए हैं।
यात्रियों की जान की कीमत नहीं जान रहे अफसर
आठ जुलाई 2019 को यमुना एक्सप्रेस वे पर रोडवेज की बस के नाले में गिरने से 29 यात्रियों की मौत के बाद परिहवन निगम ने 300 किमी से ज्यादा यात्रा करने और रात्रिकालीन सेवा में हर हाल में डबल ड्राइवर भेजने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी लापरवाही बरती जाती रही और सिंगल ड्राइवर के भरोसे ही लंबा सफर कराया जाता रहा। कोई मॉनीटरिंग और चेकिंग न होने से यह सब हुआ।
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दो महीने पहले हरदोई डिपो की बस के दिल्ली-लखनऊ के बीच दुर्घटनाग्रस्त होने पर भी सिंगल ड्राइवर के भेजे जाने की लापरवाही सामने आई। इस पर रोडवेज एमडी धीरज साहू ने दोबारा सभी आरएम, सेवा प्रबंधकों और एआरएम को लेटर जारी किया। डबल ड्राइवर को भेजने में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी जारी की गई लेकिन फिर भी किसी अफसर के कान पर जूं नहीं रेंगी।
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दूसरी लापरवाही कानपुर से सिर्फ एक बस के उत्तराखंड के हरिद्वार तक जाने की अनुमति होने के बाद भी कई बसों के बिना अनुमति यूपी की सीमा नजीबाबाद के बजाय हरिद्वार तक जाना सामने आया है। ड्राइवर यशपाल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जबकि परिचालक सुनील सविता के बयान बिजनौर के रोडवेज ऑफिस में दर्ज कराए गए हैं।
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यात्रियों की जान की कीमत नहीं जान रहे अफसर
आठ जुलाई 2019 को यमुना एक्सप्रेस वे पर रोडवेज की बस के नाले में गिरने से 29 यात्रियों की मौत के बाद परिहवन निगम ने 300 किमी से ज्यादा यात्रा करने और रात्रिकालीन सेवा में हर हाल में डबल ड्राइवर भेजने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी लापरवाही बरती जाती रही और सिंगल ड्राइवर के भरोसे ही लंबा सफर कराया जाता रहा। कोई मॉनीटरिंग और चेकिंग न होने से यह सब हुआ।
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दो महीने पहले हरदोई डिपो की बस के दिल्ली-लखनऊ के बीच दुर्घटनाग्रस्त होने पर भी सिंगल ड्राइवर के भेजे जाने की लापरवाही सामने आई। इस पर रोडवेज एमडी धीरज साहू ने दोबारा सभी आरएम, सेवा प्रबंधकों और एआरएम को लेटर जारी किया। डबल ड्राइवर को भेजने में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी जारी की गई लेकिन फिर भी किसी अफसर के कान पर जूं नहीं रेंगी।
शनिवार शाम साढ़े चार बजे थामी थी स्टेयरिंग
रविवार तड़के करीब पांच बजे जो बस बिजनौर में हादसाग्रस्त हुई उसका ड्राइवर यशपाल चुन्नीगंज बस अड्डे से शाम साढ़े चार बजे बस लेकर निकला था। 12 घंटे से अधिक तक वह बस चलाता रहा। इसके बाद बस रविवार सुबह टैंकर से जा टकराई। बस में यात्रियों के घायल होने के अलावा परिचालक सुनील सविता भी चुटहिल हुए हैं।
हरिद्वार के बॉर्डर नजीबाबाद तक यह बस जाती है, जो कि कानपुर से 480 किमी है। यह बस रात भर चलने के बाद सुबह सात से आठ के बीच पहुंचती है। वहां से दोपहर डेढ़ बजे चलती है और कानपुर अगले दिन सुबह पांच से छह के बीच पहुंचती है। 300 किमी से ज्यादा का सफर और रात्रिकालीन सेवा होने के बाद भी डबल ड्राइवर नहीं भेजे गए।
नजीबाबाद की अनुमति फिर भी हरिद्वार जा रहीं बसें
कानपुर की चुन्नीगंज बस अड्डे से सिर्फ एक बस को उत्तराखंड के हरिद्वार तक जाने की अनुमति है। इसके बाद भी महोबा, हमीरपुर के अलावा शहर के फजलगंज, आजाद नगर समेत अन्य डिपो की बसें हरिद्वार तक जा रही हैं। टिकट रजिस्टरों और बसों के किलोमीटर की गणना से इसकी जांच की जा सकती है। कानपुर से हरिद्वार की दूसरी 540 किमी है।
कानपुर में 1109 ड्राइवर और 1528 कंडक्टर
कानपुर शहर में 630 बसें हैं। इसमें अभी करीब 500 बसों का संचालन हो रहा है। इसमें 1109 ड्राइवर ओर 1528 कंडक्टर हैं, जिनके माध्यम से बसों का संचालन होता है। 380 ड्राइवर स्थायी और 742 ड्राइवर संविदा हैं। वहीं 297 स्थायी और 786 संविदा परिचालक कानपुर में ड्यूटी कर रहे हैं।
सिंगल ड्राइवर भेजना नियमों की अनदेखी है। मामले की जांच कराई जाएगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
एके झा, क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम, कानपुर क्षेत्र
रविवार तड़के करीब पांच बजे जो बस बिजनौर में हादसाग्रस्त हुई उसका ड्राइवर यशपाल चुन्नीगंज बस अड्डे से शाम साढ़े चार बजे बस लेकर निकला था। 12 घंटे से अधिक तक वह बस चलाता रहा। इसके बाद बस रविवार सुबह टैंकर से जा टकराई। बस में यात्रियों के घायल होने के अलावा परिचालक सुनील सविता भी चुटहिल हुए हैं।
हरिद्वार के बॉर्डर नजीबाबाद तक यह बस जाती है, जो कि कानपुर से 480 किमी है। यह बस रात भर चलने के बाद सुबह सात से आठ के बीच पहुंचती है। वहां से दोपहर डेढ़ बजे चलती है और कानपुर अगले दिन सुबह पांच से छह के बीच पहुंचती है। 300 किमी से ज्यादा का सफर और रात्रिकालीन सेवा होने के बाद भी डबल ड्राइवर नहीं भेजे गए।
नजीबाबाद की अनुमति फिर भी हरिद्वार जा रहीं बसें
कानपुर की चुन्नीगंज बस अड्डे से सिर्फ एक बस को उत्तराखंड के हरिद्वार तक जाने की अनुमति है। इसके बाद भी महोबा, हमीरपुर के अलावा शहर के फजलगंज, आजाद नगर समेत अन्य डिपो की बसें हरिद्वार तक जा रही हैं। टिकट रजिस्टरों और बसों के किलोमीटर की गणना से इसकी जांच की जा सकती है। कानपुर से हरिद्वार की दूसरी 540 किमी है।
कानपुर में 1109 ड्राइवर और 1528 कंडक्टर
कानपुर शहर में 630 बसें हैं। इसमें अभी करीब 500 बसों का संचालन हो रहा है। इसमें 1109 ड्राइवर ओर 1528 कंडक्टर हैं, जिनके माध्यम से बसों का संचालन होता है। 380 ड्राइवर स्थायी और 742 ड्राइवर संविदा हैं। वहीं 297 स्थायी और 786 संविदा परिचालक कानपुर में ड्यूटी कर रहे हैं।
सिंगल ड्राइवर भेजना नियमों की अनदेखी है। मामले की जांच कराई जाएगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
एके झा, क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम, कानपुर क्षेत्र