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बीटेक वाले भी जिला पंचायत में

Thu, 05 Nov 2015 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर Updated Thu, 05 Nov 2015 01:48 AM IST
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BTech holder in District Panchayat
जिला पंचायत में इस बार पढ़े-लिखों की सरकार होगी। बीटेक, बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमएससी और एमकॉम पास ज्यादातर कैंडीडेट सदस्य चुने गए हैं। इन सबने अच्छे माहौल में पंचायतों के विकास का दम भरा है। कहा है कि जाति, धर्म से ऊपर उठकर क्षेत्र काम होगा। सबको शिक्षा मिले, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित कराने की कोशिश की जाएगी।
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ऐसा नहीं हुआ तो चुनी सरकार के खिलाफ मोर्चा भी छेड़ा जाएगा। कानपुर नगर में जिला पंचायत सदस्य की 32 सीटें हैं। चुनाव जीतने वाले 22 सदस्य ऐसे हैं, जो ग्रेजुएट या फिर पोस्ट ग्रेजुएट हैं। कानपुर देहात की अलग-अलग सीटों से चुनाव जीतने वाले 11 सदस्यों के पास ग्रेजुएशन या फिर पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री है। यह संख्या पिछली बार से ज्यादा है। कल्पना यादव, रागिनी भदौरिया, उर्मिला यादव, सीमा देवी, रुचि सिंह, रीमा राजपूत स्नातक, परास्नातक डिग्रीधारी हैं। 
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नाौकरी छोड़ी
कानपुर नगर की मुस्ता सीट से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतने वाली प्रियंका दिवाकर बीटेक हैं। अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी फॉर हैंडीकैप्ड (एआईटीएच) से बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई के बाद प्रियंका को बायोलॉजिकल ई लिमिटेड में जॉब मिली, जिसे छोड़कर वे राजनीति में कूद पड़ीं। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट फर्स्ट डिवीजन से उत्तीर्ण प्रियंका का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र में बिजली, पानी, शिक्षा और सफाई की समस्या है। जिला पंचायत की सदन इसे समस्या को उठाया जाएगा। समाधान नहीं हुआ तो विरोध किया जाएगा। जिला पंचायत के हर सदन की मीटिंग में प्रियंका हिस्सा लेंगी। उनका कहना है कि क्षेत्र की लड़कियां पढ़ें, इसकी व्यवस्था भी सुनिश्चित कराने की कोशिश की जाएगी।
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नहीं की नौकरी

कानपुर देहात की बिरहुन सीट से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतने वाली कल्पना यादव परास्नातक हैं। पढ़ाई-लिखाई के बाद परिवार वालों ने नौकरी करने का दबाव डाला, जो कल्पना को रास नहीं आया। इसी बीच जिला पंचायत सदस्य का चुनाव आ गया। परिवार से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई और मैदान में कूद पड़ीं। अब चुनाव जीती हैं और तमाम तरह के सुधारों का दावा कर रही हैं। कह रही हैं कि समस्या का समाधान निकाला जाएगा।

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