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इतना जुल्म: छात्र से बर्बरता…आरोपी ने धमकाया- बेटे को मारकर गंगा में बहा देंगे, मां बोली- फिरौती भी मांगी

Sun, 30 Jun 2024 05:33 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 30 Jun 2024 05:33 AM IST
सार

Kanpur News: पिटाई से छात्र इस कदर दहशत में रहा कि पुलिस के सामने घटना बयां करते वक्त उसके होंठ कांप रहे थे। वह ठीक से बोल नहीं पा रहा था। छात्र ने पुलिस को बताया कि उसे चार पहिया से अगवाकर जंगल ले जाया गया। वहां आठ लोगों ने लोहे की रॉड, सरिया, डंडे, बेल्ट से पीटा। मैं जान की भीख मांगता रहा और लोग उसे पीटते रहे।

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Brutality with student in kanpur, accused threatened that he will kill the son and throw him in the Ganga
Kanpur Student Brutality Case - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में नाबालिग बेटी के साथ कोल्डडि्रंक पी रहे छात्र के साथ बर्बरता करने वाले वकील ब्रजनारायण निषाद ने उसके पिता को भी फोन कर धमकाया था। छात्र के पिता का आरोप है कि शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे वकील ने फोन कर कहा कि बेटे को जिंदा देखना है तो एक घंटे के भीतर ईश्वरीगंज आ जाओ, नहीं तो मारकर गंगा में बहा देंगे। तुम्हें भी काटकर फेंक देंगे।

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कानपुर देहात के बरौर थानाक्षेत्र के एक गांव में रहने वाले छात्र के पिता प्राइवेट स्कूल में शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि बेटा बिठूर में अपनी नानी के घर में रहकर पढ़ाई करता है। शुक्रवार रात बेटा खाना खाने के बाद टहलने निकला था। इसी बीच वकील ने अपने भाई और साथियों की मदद से बेटे को अगवा कर लिया था। बिठूर के चिरान गांव स्थित एक फार्म हाउस में लेकर उसे यातनाएं दीं।

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रात को उनके पास अनजान नंबर से वकील का फोन आया। नाम पूछते ही धमकाना शुरू कर दिया। एक घंटे में आने को कहा। शिक्षक के मुताबिक उन्होंने कहा कि हमारे गांव से बिठूर 70 किलोमीटर दूर है और रात में कोई साधन नहीं मिलेगा। कम से कम डेढ़ घंटा लगेगा आने में। इस पर कहा कि ईश्वरीगंज चौराहा पहुंचकर फोन करो।

दिखाई समझदारी... बरौर से सीधे पहुंचे बिठूर थाने
शिक्षक के मुताबिक उन्होंने किसी तरह गाड़ी का इंतजाम किया और घर में ताला बंद करके पत्नी व छोटे बेटे के साथ सीधे बिठूर थाने पहुंचे। पुलिस को पूरा वाकया बताया। साथ ही धमकी देने वाले शख्स का फोन नंबर भी दिया। बकौल शिक्षक पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाया और लोकेशन निकाली। इसी आधार पर बिठूर थाना प्रभारी दलबल के साथ उन्हें लेकर फार्म हाउस पहुंचे, तो जंगल में बनी एक कोठरी नुमा कमरे के बाहर बेटा कुर्सी पर बैठा था। उसके हाथ-पैर बंधे थे। पुलिस ने बेटे को छुड़ाया। साथ ही अधिवक्ता व उसके बड़े भाई को गिरफ्तार कर लिया।

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मां बोली- मांगी थी पांच लाख की फिरौती
पीड़ित छात्र की मां ने कहा कि अधिवक्ता ने बेटे को अगवाकर पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। फंसने पर खुद को बचाने के लिए बेटे को बदनाम कर रहा है। वह भी अपनी बेटी को ढाल बनाकर। मां के मुताबिक गंगपुर गांव में रहने वाली उनकी मां ने कुछ समय पहले जमीन बेची है। यह बात अधिवक्ता को पता थी। आरोप है कि अधिवक्ता ने बेटे को फिरौती के लिए अगवा किया था।

आरोपी अधिवक्ता की पत्नी की हालत बिगड़ी
अधिवक्ता और उसके भाई की गिरफ्तारी की खबर पाकर परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण बिठूर थाने पहुंच गए। वहां आरोपियों को छोड़े जाने की मांग को लेकर डेरा डाल दिया। रातभर लोग थाने में जमे रहे। सुबह आरोपी अधिवक्ता की पत्नी की तबीयत थाने में बिगड़ गई। परिजन फौरन उन्हें इलाज के लिए सीएचसी ले गए। वहां डॉक्टरों ने इलाज के लिए पुलिस की मजरूबी चिट्ठी मांगी, जिसे लेकर काफी देर तक परिजनों व पुलिस के बीच जद्दोजहद चलती रही। आखिर पुलिस ने चिट्ठी देने से मना कर दिया।

थाना प्रभारी की कलाई दांत से चबाई
घटना के बाद आरोपियों की तलाश में बिठूर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह दलबल के साथ चिरान गांव स्थित फार्म हाउस पहुंचे। वहां अधिवक्ता की स्वास्थ्य विभाग मं तैनात पत्नी ने थाना प्रभारी के की कलाई दांत से चबा ली।

दो दिन पहले भी छात्र गया था मिलने
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को भी पीड़ित छात्र, छात्रा से मिलने गया था। उसे छात्रा के घर के पास फोन करते देखा गया था। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार को भी छात्रा को छात्र के साथ देखा गया। छात्रा के परिजनों ने उसे डांटकर घर भेज दिया था। इसके बाद रात को फिर छात्र से मिलने पहुंच गई, जिस पर नाराज परिजनों को छात्रा को घर भेजने के बाद छात्र को अगवा कर पीट दिया।

आरोपी बोला- मैं घर में नहीं था
आरोपी अधिवक्ता का कहना है कि घटना के समय वह घर पर नहीं दादानगर में थे। सूचना पाकर गांव पहुंचे थे। बेटी के कोचिंग आने-जाने के दौरान छात्र उसे रास्ते में रोकता था। उसे परेशान करता और मोबाइल नंबर मांगता था।

परिजनों को बात करने से रोकते रहे स्वरूप नगर इंस्पेक्टर
हैलट इमरजेंसी में घायल छात्र का इलाज चल रहा था। इस दौरान मीडियाकर्मियों ने पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी चाही, तो स्वरूपनगर इंस्पेक्टर राजेश शर्मा उनको रोकते रहे। उन्होंने परिजनों से बदसलूकी की। कई लोगों को धकियाते हुए इमरजेंसी से बाहर कर दिया। इस पर पीड़ित परिजन पुलिस वालों को कोसते दिखे।

घटना बयां करते वक्त कांपते रहे छात्र के होंठ
पिटाई से छात्र इस कदर दहशत में रहा कि पुलिस के सामने घटना बयां करते वक्त उसके होंठ कांप रहे थे। वह ठीक से बोल नहीं पा रहा था। छात्र ने पुलिस को बताया कि उसे चार पहिया से अगवाकर जंगल ले जाया गया। वहां आठ लोगों ने लोहे की रॉड, सरिया, डंडे, बेल्ट से पीटा। मैं जान की भीख मांगता रहा और लोग उसे पीटते रहे। समय रहते परिजन और पुलिस मौके पर नहीं पहुंचती, तो लोग उसे मारकर फेंक देते। छात्र के पिता ने भी कहा कि पुलिस ने तेजी न दिखाती और फौरन एक्शन न लेती तो बेटा मारा जाता और वह भी नहीं बचते।

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