UP: करंट की चपेट में आकर मासूम भाई-बहन की मौत, कूलर की टंकी से पिचकारी भरते समय हुआ हादसा, परिजनों में कोहराम
Farrukhabad News: कूलर के टैंक से पिचकारी में पानी भरते समय भाई-बहन करंट की चपेट में आ गए, जिससे दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। जांच की जा रही है।
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फर्रुखाबाद जिले में घर पर रखे कूलर के खुले हिस्से से पिचकारी भरते वक्त दो मासूमों को करंट लग गया। इससे दोनों कूलर के टैंक में गिर गए और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। कुछ देर बाद पहुंचे परिजनों ने देखा, तो चीख-पुकार मच गई।
मऊदरवाजा थाने के मोहल्ला सर्वोदयनगर बजरिया निवासी नमो चतुर्वेदी की पुत्री गुनगुन (7) व पुत्र युवराज (4) सोमवार शाम पिचकारी से खेल रहे थे। दोनों बच्चे घर में रखे कूलर के पास पहुंचे। उन्होंने उसके पीछे का हिस्सा खुला देखा, तो टैंक से पिचकारी में पानी भरने लगे।
कूलर की टंकी में मृत पड़े थे दोनों
बताते हैं कि कूलर में करंट आने की वजह से वह कूलर के टैंक में ही गिर गए। कुछ देर तक जब बच्चे परिजनों को नहीं दिखे, तो उन्होंने आवाज दी, लेकिन कोई जवाब न मिलने पर वह देखने गए। जहां दोनों ही बच्चों को कूलर की टंकी में मृत देख चीख-पुकार मच गई।
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देर रात तक घर पर ही रखे थे शव
आनन-फानन बच्चों को बाहर निकाला गया, तब तक बच्चों की मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस ने भी घर पहुंचकर जानकारी हासिल की। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। देर रात तक शव घर पर ही रखे थे। थानाध्यक्ष बलराज भाटी ने बताया कि परिजनों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है। घटना की जांच कराई जा रही है।
उपकरणों के इस्तेमाल न होने पर स्विच हटा कर रखें
सीएमएस एवं सर्जन डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि त्योहार में रंग खेलते वक्त खतरे वाली जगहों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। करंट लगने पर अगर समय रहते पता चलता है, तो करंट की सप्लाई बंद करके मुंह से सांस देने की प्रक्रिया यानि सीपीआर अपनानी चाहिए।
चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए
हार्ट की जगह पर दोनों गदेली से दबाना और फिर मुंह से सांस देना चाहिए। ऐसी घटना में तुंरत चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए। घरों में इलेक्ट्रानिक उपकरणों का इस्तेमाल न होने पर स्विच बंद कर दें। साथ ही, बच्चों को भी इसके बारे जागरूक करना चाहिए।