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Kanpur News: वस्त्र मंत्रालय का फर्जी पत्र भेज बुक कराया ब्रजेंद्र स्वरूप पार्क
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कानपुर। नगर निगम के संपत्ति विभाग ने बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा है। एक संस्था ने ब्रजेंद्र स्वरूप पार्क के लॉन- 2 को वस्त्र मंत्रालय के फर्जी लेटर और रीजनल डायरेक्टर के जाली हस्ताक्षर बनाकर शासकीय कार्य के लिए बुक करा लिया। इससे उसे किराये में 50 प्रतिशत (करीब 11 लाख रुपये) की छूट मिल गई। कागजों की जांच और मंत्रालय से सत्यापन के बाद हकीकत सामने आई तो अधिकारियों के होश उड़ गए।
संस्था की ओर से जमा की गई धनराशि जब्त कर कार्यक्रम के निरस्तीकरण के साथ ही विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। लखनऊ की अवध हथकरघा हस्तशिल्प व ग्रामोद्योग समिति के सचिव जावेद आलम ने चार मई को नगर निगम को एक पत्र दिया। इसमें पारंपरिक हथकरघा वस्त्र प्रदर्शनी के आयोजन के लिए 22 मई से 16 जून तक बृजेंद्र स्वरूप लॉन नंबर-2 का आवंटन किए जाने का निवेदन किया।
आवंटन शुल्क में छूट लेने के लिए जावेद ने वस्त्र मंत्रालय कार्यालय, विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), मध्य क्षेत्र, लखनऊ के रीजनल डॉयरेक्टर वीरेंद्र कुमार का पत्र भी लगाया जिसके जरिये शासकीय कार्यक्रम के लिए छूट मिल गई। आवंटन व अन्य शुल्क के तहत संपत्ति विभाग ने 11 लाख रुपये की अग्रिम राशि जमा भी करा ली। संपत्ति विभाग में कार्यरत प्रॉपर्टी कॉर्डिनेटर चंद्रेश त्रिपाठी ने औचक निरीक्षण के दौरान जब कागजातों की जांच की तो उन्हें शक हुआ। इस पर 18 मई को भारत सरकार के वस्त्र निदेशक से फोन पर संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि कागजात पूरी तरह से फर्जी हैं।
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चंद्रेश ने बताया कि इसकी सूचना अधिकारियों को दी गई जिसके बाद एक मेल वस्त्र विभाग को भेजा गया। वहां से भी लिखित में पत्र नहीं जारी करने की बात कही गई। जावेद आलम ने लगभग 11 लाख रुपये नगर निगम के खाते में तीन बार में जमा कराए जिन्हें अब जब्त कर लिए गया है। कार्यक्रम रोकने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मामले की जांच होती है तो विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत की भी पुष्टि हो सकती है। संपत्ति विभाग के प्रभारी अधिकारी अनुपम त्रिपाठी ने बताया कि फर्जी कागजात से प्रदर्शनी आयोजन के लिए ब्रजेंद्र स्वरूप पार्क बुक किया गया। यह दंडनीय अपराध है। आरोपी जावेद आलम पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए कर्नलगंज पुलिस को शिकायती पत्र दिया है। महापौर व अन्य अधिकारियों को भी जानकारी दी है।
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संस्था की ओर से जमा की गई धनराशि जब्त कर कार्यक्रम के निरस्तीकरण के साथ ही विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। लखनऊ की अवध हथकरघा हस्तशिल्प व ग्रामोद्योग समिति के सचिव जावेद आलम ने चार मई को नगर निगम को एक पत्र दिया। इसमें पारंपरिक हथकरघा वस्त्र प्रदर्शनी के आयोजन के लिए 22 मई से 16 जून तक बृजेंद्र स्वरूप लॉन नंबर-2 का आवंटन किए जाने का निवेदन किया।
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आवंटन शुल्क में छूट लेने के लिए जावेद ने वस्त्र मंत्रालय कार्यालय, विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), मध्य क्षेत्र, लखनऊ के रीजनल डॉयरेक्टर वीरेंद्र कुमार का पत्र भी लगाया जिसके जरिये शासकीय कार्यक्रम के लिए छूट मिल गई। आवंटन व अन्य शुल्क के तहत संपत्ति विभाग ने 11 लाख रुपये की अग्रिम राशि जमा भी करा ली। संपत्ति विभाग में कार्यरत प्रॉपर्टी कॉर्डिनेटर चंद्रेश त्रिपाठी ने औचक निरीक्षण के दौरान जब कागजातों की जांच की तो उन्हें शक हुआ। इस पर 18 मई को भारत सरकार के वस्त्र निदेशक से फोन पर संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि कागजात पूरी तरह से फर्जी हैं।
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चंद्रेश ने बताया कि इसकी सूचना अधिकारियों को दी गई जिसके बाद एक मेल वस्त्र विभाग को भेजा गया। वहां से भी लिखित में पत्र नहीं जारी करने की बात कही गई। जावेद आलम ने लगभग 11 लाख रुपये नगर निगम के खाते में तीन बार में जमा कराए जिन्हें अब जब्त कर लिए गया है। कार्यक्रम रोकने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मामले की जांच होती है तो विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत की भी पुष्टि हो सकती है। संपत्ति विभाग के प्रभारी अधिकारी अनुपम त्रिपाठी ने बताया कि फर्जी कागजात से प्रदर्शनी आयोजन के लिए ब्रजेंद्र स्वरूप पार्क बुक किया गया। यह दंडनीय अपराध है। आरोपी जावेद आलम पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए कर्नलगंज पुलिस को शिकायती पत्र दिया है। महापौर व अन्य अधिकारियों को भी जानकारी दी है।