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किशोर बना मददगार पुलिस फिर पल्लाझाड़
नीरज दीक्षित, ब्यूरो
Updated Fri, 26 Feb 2016 02:10 AM IST
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बर्रा तीन में रहने वाले 13 साल के अमन तिवारी ने एक मां की झोली खुशियों से भर दी। दरअसल पांचवीं के छात्र अमन को गुरुवार को बर्रा बाईपास के पास चार साल का बच्चा रोता बिलखता मिला।
अमन को यह समझते देर न लगी कि यह बच्चा अपने परिजनों से बिछुड़ गया है। बच्चे को परिवार से मिलाने में पुलिस मदद करेगी, यह सोचकर अमन बर्रा की जनता नगर चौकी पहुंचा। उसे नहीं मालूम था कि पुलिस मददगार नहीं पल्लाझाड़ है। इसकी पुष्टि चौकी पुलिस ने अमन को गोविंदनगर थाने जाने की सलाह देकर कर भी दी।
खैर, अमन तो मददगार था न, उसने बच्चे को साइकिल पर बैठाया और एक ठेले वाले से गोविंदनगर थाने का पता पूछकर निकल पड़ा और पहुंचा भी। सिपाहियों ने उससे थाने आने का कारण पूछा तो वह पहले तो सकपका गया। इसके बाद जैसे ही वह मामला बताने लगा वंश की मां रुचि भी रोते-रोते थाने पहुंच गई। अपने बेटे को देखकर वह फफक पड़ी और कलेजे से लगा लिया। इसके बाद बच्चे को लिखापढ़ी कर मां को सौंप दिया गया।
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अमन का होगा सम्मान
सूचना पर चाइल्ड लाइन के विनय और धर्मेंद्र ओझा भी थाने पहुंच गए थे। चाइल्ड लाइन निदेशक कमलकांत तिवारी का कहना है कि वह जल्द ही अमन को एसएसपी से सम्मान दिलवाएंगे।
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अमन को यह समझते देर न लगी कि यह बच्चा अपने परिजनों से बिछुड़ गया है। बच्चे को परिवार से मिलाने में पुलिस मदद करेगी, यह सोचकर अमन बर्रा की जनता नगर चौकी पहुंचा। उसे नहीं मालूम था कि पुलिस मददगार नहीं पल्लाझाड़ है। इसकी पुष्टि चौकी पुलिस ने अमन को गोविंदनगर थाने जाने की सलाह देकर कर भी दी।
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खैर, अमन तो मददगार था न, उसने बच्चे को साइकिल पर बैठाया और एक ठेले वाले से गोविंदनगर थाने का पता पूछकर निकल पड़ा और पहुंचा भी। सिपाहियों ने उससे थाने आने का कारण पूछा तो वह पहले तो सकपका गया। इसके बाद जैसे ही वह मामला बताने लगा वंश की मां रुचि भी रोते-रोते थाने पहुंच गई। अपने बेटे को देखकर वह फफक पड़ी और कलेजे से लगा लिया। इसके बाद बच्चे को लिखापढ़ी कर मां को सौंप दिया गया।
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अमन का होगा सम्मान
सूचना पर चाइल्ड लाइन के विनय और धर्मेंद्र ओझा भी थाने पहुंच गए थे। चाइल्ड लाइन निदेशक कमलकांत तिवारी का कहना है कि वह जल्द ही अमन को एसएसपी से सम्मान दिलवाएंगे।