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Kanpur News: खरीदीं कोठी, कारें और किया विदेशों में सैर-सपाटा
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कानपुर। पुलिस के अनुसार राजवीर, सुल्तान मिर्जा और शिवम तीनों ही शातिर ठाठ-बाट के शौकीन हैं। तीनों पुलिस की आंख में धूल झोंककर लग्जरी जीवन जी रहे थे। एडीसीपी साउथ सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि पुलिस की जांच में सामने आया कि शिवम के पास न सिर्फ तीन-तीन महंगी गाड़ियां और एक हंटर बाइक है बल्कि दो करोड़ की कीमत का एक गेस्ट हाउस भी है। इसी तरह राजवीर के नाम पर बिहार और कानपुर में बेशकीमती जमीनें हैं। सुल्तान के नाम पर भी पांच करोड़ की कोठी की जानकारी मिली है। राजवीर, शिवम व सुल्तान तीनों विदेशों की सैर भी कर चुके हैं। शिवम के मुताबिक वह दो बार दुबई जा चुका है। शिवम ने मोहल्ले में बता रखा था कि उसे बिजनेस में बहुत फायदा हो रहा है। हालांकि, गिरफ्तारी के वक्त राजवीर और शिवम के पास से सिर्फ पांच मोबाइल, दो आधार व एक कार ही बरामद हो सकी है। राजवीर बैंक में भी काम कर चुका है। उसकी दोस्ती के चक्कर में कुछ बैंक अधिकारी भी जेल की सलाखों के पीछे हैं।
बदलता था नाम व धर्म, गिरफ्तारी से पहले मांगी बेल
पुलिस के मुताबिक सुल्तान अपनी करतूत छिपाने के लिए समय-समय पर नाम व धर्म बदला करता था। यही वजह है कि उसने अपने एक-दो नहीं बल्कि चार-चार नाम रखे हैं। हैरत की बात तो यह है कि उसे भनक लग गई है कि पुलिस उसके पीछे पड़ी है, लिहाजा उसने अभय नाम से गिरफ्तारी से पहले ही बेल की अर्जी कोर्ट में लगाई है। पुलिस ने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि उसका पासपोर्ट निरस्त करा दिया जाए जिससे वह पकड़ में आ सके।
- राजवीर ने अपने रिश्तेदारों को भी नहीं छोड़ा
एडीसीपी ने बताया कि राजवीर इतना शातिर है कि उसने अपने रिश्तेदारों के नाम पर भी म्यूल खाते खुलवाए थे। राजवीर ने अपनी बहन के खाते में 58 और बहनोई के खाते में 60 लाख रुपये मंगाकर अवैध लेनदेन किया था। इसी तरह 70 साल के बुजुर्ग पारस राम के खाते में राजवीर ने 70 लाख रुपये जमा कराए थे। पुलिस ने बताया कि शिवम गिरोह में डिलीवरीमैन का काम करता था। वह म्यूल खातों से पैसा निकालकर सुबह नौ से शाम छह बजे के बीच में उसे ठिकाने लगाता था जबकि रात एक से सुबह चार बजे के बीच साइबर ठगी की रकम म्यूल खातों में मंगाने का काम करता था।
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गोल्ड लोन व हवाला का भी काम करते थे
एडीसीपी के मुताबिक तीनों शातिर हवाला का काम भी करते थे। वे एक जगह बैठकर देश के किसी कोने में भी पैसा पहुंचाने का काम कर रहे थे। इसके अलावा गोल्ड लोन के नाम पर अपना काला पैसा भी सफेद बना रहे थे।
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बदलता था नाम व धर्म, गिरफ्तारी से पहले मांगी बेल
पुलिस के मुताबिक सुल्तान अपनी करतूत छिपाने के लिए समय-समय पर नाम व धर्म बदला करता था। यही वजह है कि उसने अपने एक-दो नहीं बल्कि चार-चार नाम रखे हैं। हैरत की बात तो यह है कि उसे भनक लग गई है कि पुलिस उसके पीछे पड़ी है, लिहाजा उसने अभय नाम से गिरफ्तारी से पहले ही बेल की अर्जी कोर्ट में लगाई है। पुलिस ने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि उसका पासपोर्ट निरस्त करा दिया जाए जिससे वह पकड़ में आ सके।
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- राजवीर ने अपने रिश्तेदारों को भी नहीं छोड़ा
एडीसीपी ने बताया कि राजवीर इतना शातिर है कि उसने अपने रिश्तेदारों के नाम पर भी म्यूल खाते खुलवाए थे। राजवीर ने अपनी बहन के खाते में 58 और बहनोई के खाते में 60 लाख रुपये मंगाकर अवैध लेनदेन किया था। इसी तरह 70 साल के बुजुर्ग पारस राम के खाते में राजवीर ने 70 लाख रुपये जमा कराए थे। पुलिस ने बताया कि शिवम गिरोह में डिलीवरीमैन का काम करता था। वह म्यूल खातों से पैसा निकालकर सुबह नौ से शाम छह बजे के बीच में उसे ठिकाने लगाता था जबकि रात एक से सुबह चार बजे के बीच साइबर ठगी की रकम म्यूल खातों में मंगाने का काम करता था।
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गोल्ड लोन व हवाला का भी काम करते थे
एडीसीपी के मुताबिक तीनों शातिर हवाला का काम भी करते थे। वे एक जगह बैठकर देश के किसी कोने में भी पैसा पहुंचाने का काम कर रहे थे। इसके अलावा गोल्ड लोन के नाम पर अपना काला पैसा भी सफेद बना रहे थे।