{"_id":"582616ad4f1c1bc932b3a768","slug":"black-money-changed-through-laborer","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूंजीपतियों की इस तरकीब से बैंकों में कालाधन हो रहा सफेद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूंजीपतियों की इस तरकीब से बैंकों में कालाधन हो रहा सफेद
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 12 Nov 2016 12:37 AM IST
विज्ञापन
डेमो
हजार व पांच सौ के करोड़ों रुपये बदलवाने का ठेका उठने लगा है। बड़े व्यापारियों, उद्योगपतियों, नेताओं, ट्रांसपोर्टरों, भट्ठा मालिकों, भूमाफिया, बिल्डरों, सरकारी अफसरों और अपराधियों ने इसके लिए दिहाड़ी पर लोग लाइनों में लगा दिए हैं। इन लोगों को प्रतिदिन पांच सौ से लेकर हजार रुपये के किराये पर लिया है। मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भी ये धंधा जोरों पर है।
सूत्र बताते हैं कि इन दिहाड़ीदारों को बैंक के टाइम के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। इन्हें सुबह आठ बजे से बैंक बंद होने तक अलग-अलग बैंकों में लाइन में लगकर हजार व पांच सौ के नोट बदलवाने का ठेका दिया गया है। एक दिहाड़ीदार दिन में तीन से चार बार अलग अलग बैंकों में लगकर 12 से 16 हजार रुपये बदलवा लेता है। इसके बदले में उसे एक हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
शुक्रवार को बैंकों में भीड़ उमड़ने की एक वजह यह भी है। लाइन में लगने वाले गरीब लोग अपने और अपने परिवार की आईडी पर ये काम कर रहे हैं। इस तरकीब से एक हजार रुपये खर्च करके सफेदपोश एक दिन में एक दिहाड़ीदार से 15,000 रुपये की ब्लैकमनी नई करेंसी में तब्दील करवा रहे हैं। इस कारस्तानी के बाद रिजर्व बैंक ने भी निगरानी बढ़ा दी है। हर एकाउंट में होने वाले लेन-देन की ऑनलाइन जानकारी तुरंत रिजर्व बैंक को भेजी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सूत्र बताते हैं कि इन दिहाड़ीदारों को बैंक के टाइम के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। इन्हें सुबह आठ बजे से बैंक बंद होने तक अलग-अलग बैंकों में लाइन में लगकर हजार व पांच सौ के नोट बदलवाने का ठेका दिया गया है। एक दिहाड़ीदार दिन में तीन से चार बार अलग अलग बैंकों में लगकर 12 से 16 हजार रुपये बदलवा लेता है। इसके बदले में उसे एक हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
विज्ञापन
शुक्रवार को बैंकों में भीड़ उमड़ने की एक वजह यह भी है। लाइन में लगने वाले गरीब लोग अपने और अपने परिवार की आईडी पर ये काम कर रहे हैं। इस तरकीब से एक हजार रुपये खर्च करके सफेदपोश एक दिन में एक दिहाड़ीदार से 15,000 रुपये की ब्लैकमनी नई करेंसी में तब्दील करवा रहे हैं। इस कारस्तानी के बाद रिजर्व बैंक ने भी निगरानी बढ़ा दी है। हर एकाउंट में होने वाले लेन-देन की ऑनलाइन जानकारी तुरंत रिजर्व बैंक को भेजी जा रही है।
विज्ञापन