संघ का पदाधिकारी बन करोड़ों ठगने वाला फरार: भाजपा नेता बोली पुलिस की कार्रवाई सिर्फ जांच तक सीमित
पीड़िता पुलिस से शिकायत कर दस्तावेज दे चुकी हैं। मगर कानपुर आउटर पुलिस ने मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। पीड़ित का कहना है उन्होंने पुलिस को एक-एक साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं।
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पुलिस की हीलाहवाली पर पीड़िता ने भाजपा के बड़े नेताओं व संघ के पदाधिकारियों से पुलिस की शिकायत की है। सचेंडी के इटावा गांव निवासी विष्णु दिवाकर पर मेरठ के शास्त्री नगर इलाका निवासी भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पूजा बंसल से 25 लाख रुपये ठगने का आरोप है। ठग ने दावा किया था कि वह किसी आयोग में उनको चेयरमैन बनवा देगा।
पूजा पुलिस से शिकायत कर दस्तावेज दे चुकी हैं। मगर कानपुर आउटर पुलिस ने मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। पीड़ित का कहना है उन्होंने पुलिस को एक-एक साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं। पांच दिन से केवल जांच का हवाला पुलिस दे रही है। शनिवार को कई पीड़ित कानपुर से मेरठ लौट गए।
40 पीड़ितों ने किया संपर्क, सभी को ठगा
पूजा बंसल के पति ने बताया कि आरोपी जिनसे जिनसे मिलता है वो अपना नाम हर एक से अलग-अलग बताता है। यही नहीं कभी वो खुद को आरएसएस का राष्ट्रीय सचिव तो कभी प्रवक्ता तो कभी कुछ और होने का दावा करता है। पहली शिकायत होने के बाद से पिछले तीन दिन में 40 पीड़ितों ने संपर्क किया है। जिनको आरोपी शिकार बना चुका है। किसी से दस तो किसी से बीस-तीस लाख रुपये तक ठगे हैं। पीड़ितों की संख्या अभी और बढ़ने की संभावना है।
पीड़िता ने बताया कि आरोपी विष्णु दिवाकर ने विश्वास में लेने के लिए सभी को चेक भी दिए। जो आज भी उनके पास मौजूद हैं। इन चेकों को पुलिस को भी दिया गया है। यही नहीं जैसी जिसकी सरकार रहती ये शख्स उसी पार्टी का पदाधिकारी बन जाता था। अपने नाम से पार्टी के बड़े पद का लेटर पैड भी तैयार करता था। तमाम लेटर पैड भी पीड़ित ने जुटाए हैं। शातिर एक राष्ट्रीय पार्टी में पदाधिकारी भी रहा है।
नौकरी के नाम पर भी ठगता था
जानकारी के मुताबिक नेताओं के अलावा ठग ने युवाओं को भी शिकार बनाया। उनको नौकरी लगवाने का झांसा देता था और रकम वसूलता था। पूजा ने अन्य कई तरह के गंभीर आरोप लगाए हैं। कुछ रजिस्ट्री की कांपियां भी मिली हैं। आशंका है कि ये उसमें भी कुछ खेल करता था।
संघ के बड़े पदाधिकारी से एसपी आउटर की शिकायत
पूजा के पति ने बताया कि सचेंडी पुलिस का रवैया बेहद खराब है। उनका आरोप है कि जब उन्होंने एसपी आउटर अष्टभुजा प्रसाद सिंह से कहा कि ये पूरा मामला संघ के एक बड़े पदाधिकारी की जानकारी में है तो एसपी ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं किसी की कृपा से इस कुर्सी पर नहीं बैठा हूं। बाकी जो मामला है उसकी जांच चल रही है। इस पूरे मामले की शिकायत संघ के उस बड़े पदाधिकारी से की गई है।
मामले की जांच सीओ सदर कर रहे हैं। जांच जल्द से जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
भानु भास्कर, एडीजी जोन कानपुर