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आपसी भाईचारे और सौहार्द को लगा बिरयानी का ग्रहण
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सालट गांव में बनी मजार
- फोटो : MAHOBA
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चरखारी (महोबा)। सालट गांव में हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच सालों से कायम आपसी भाईचारे और सौहार्द को बिरयानी का ग्रहण लग गया है। एक-दूसरे के त्योहारों को मिलजुलकर मनाने वाले दोनों समुदाय के लोग इस प्रकरण से सदमे में हैं। वर्षों से एक-दूसरे के त्योहार मिलकर मनाने की परंपरा को कुछ लोगों द्वारा राजनीतिक रंग दिए जाने के बावजूद ग्रामीण एक साथ हैं। हालांकि दोनों समुदाय के लोगों को कुछ समय के लिए माहौल बिगड़ने का भी कष्ट है। तीन साल पहले मजार की बाउंड्री के निर्माण के दौरान वन विभाग द्वारा आपत्ति लगाए जाने पर हिंदू भाइयों ने खड़े होकर बाउंड्री निर्माण करा गंगा-जमुनी तहजीब का अनूठा उदाहरण पेश किया था।
31 अगस्त 2019 को शेख पीर बाबा के उर्स कार्यक्रम के मौके पर एक तरफ ग्रामीणों से किए गए चंदे से पूड़ी, सब्जी बनाई गई और उसी परिसर में दूसरी तरफ बिरयानी बनती रही। उर्स में हर साल की तरह भारी भीड़ जुटी लेकिन बिरयानी बनने के दौरान किसी ने भी कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। गांव वालों के सहयोग से पूड़ी, सब्जी बनाई गई। वहीं राठ निवासी पप्पू मंसूरी की मन्नत पूरी होने पर उसने उर्स के मौके पर मुर्गे की बिरयानी बनवाई। ग्रामीणों ने प्रसाद के रूप में पूड़ी, सब्जी का सेवन किया। कुछ ग्रामीणों ने बिरयानी खाई। बिरयानी और पूड़ी सब्जी के स्टाल के बीच करीब 25 फीट की दूरी थी। दो दिन बाद बिरयानी को लेकर मचे बवाल से गांव में वर्षों से चली आ रही आपसी सामंजस्य की परंपरा में दरार हो गई है। सालट के ग्राम प्रधान बृजगोपाल, वन प्रसाद, सुनील रावत का कहना है कि गांव में हमेशा आपसी सामंजस्य का माहौल रहा है। उनका कहना है कि गांव को राजनीतिक नेताओं की नजर लग गई है। माहौल खराब करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
बिरयानी मामले में कब क्या-क्या हुआ
-31 अगस्त को अपराहन करीब दो बजे एक तरफ पूूड़ी, सब्जी का प्रसाद वितरित किया गया। दूसरी तरफ बिरयानी का वितरण हुआ।
-1 सितंबर को गांव में माहौल शांत रहा, कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई।
-2 सितंबर को गांव में कुछ लोगों द्वारा बिरयानी खाने की हवा उड़ी। इसी दिन शुद्धीकरण के लिए आयोजक से मांगे 50 हजार रुपये। पैसे की मांग की खबर लगने पर शाम को पहुंचे कोतवाली प्रभारी चरखारी अनूप कुमार दुबे ने दोनों पक्षों को बैठाकर मामला शांत करा दिया।
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-3 सितंबर को क्षेत्र में भ्रमण के दौरान सालट गांव पहुंचे चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत को ग्रामीणों ने पूरा मामला बताया। तब उन्होंने दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
-4 सितंबर को 23 नामजद और 20 अज्ञात समेत 43 लोगों पर धोखे से बिरयानी खिलाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया।
-5 सितंबर को चरखारी विधायक ने डीएफओ को मजार स्थल की जमीन की जांच करने के निर्देश दिए।
-6 सितंबर को विधायक ने चरखारी विधानसभा क्षेत्र के सभी मजारों का सिजरा मांगा।
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ग्रामीण आपसी सामंजस्य के साथ रह रहे हैं। वह आपस में किसी तरह का विवाद नहीं चाहते हैं लेकिन कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया है।
-स्वामीनाथ, पुलिस अधीक्षक, महोबा।
ग्राम सालट में उर्स कार्यक्रम के मौके पर जुटे 13 गांव के ग्रामीणों को मीठे चावल के नाम पर प्रसाद के रूप में बिरयानी खिला दी गई। इसे बच्चों और महिलाओं को भी खिलाया गया। जब लोगों ने बिरयानी खाई तो हो-हल्ला मच गया। इसके बाद आयोजककर्ता ने 50 हजार रुपये शुद्धीकरण के लिए देने की बात कही लेकिन अन्य गांव के लोग इस पर तैैयार नहीं हुए और मुझे बुलाकर सारी जानकारी दी गई। धोखाधड़ी कर बिरयानी खिलाने का मामला सामने आने पर मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए थे।
-बृजभूषण राजपूत, चरखारी विधायक।
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31 अगस्त 2019 को शेख पीर बाबा के उर्स कार्यक्रम के मौके पर एक तरफ ग्रामीणों से किए गए चंदे से पूड़ी, सब्जी बनाई गई और उसी परिसर में दूसरी तरफ बिरयानी बनती रही। उर्स में हर साल की तरह भारी भीड़ जुटी लेकिन बिरयानी बनने के दौरान किसी ने भी कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। गांव वालों के सहयोग से पूड़ी, सब्जी बनाई गई। वहीं राठ निवासी पप्पू मंसूरी की मन्नत पूरी होने पर उसने उर्स के मौके पर मुर्गे की बिरयानी बनवाई। ग्रामीणों ने प्रसाद के रूप में पूड़ी, सब्जी का सेवन किया। कुछ ग्रामीणों ने बिरयानी खाई। बिरयानी और पूड़ी सब्जी के स्टाल के बीच करीब 25 फीट की दूरी थी। दो दिन बाद बिरयानी को लेकर मचे बवाल से गांव में वर्षों से चली आ रही आपसी सामंजस्य की परंपरा में दरार हो गई है। सालट के ग्राम प्रधान बृजगोपाल, वन प्रसाद, सुनील रावत का कहना है कि गांव में हमेशा आपसी सामंजस्य का माहौल रहा है। उनका कहना है कि गांव को राजनीतिक नेताओं की नजर लग गई है। माहौल खराब करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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बिरयानी मामले में कब क्या-क्या हुआ
-31 अगस्त को अपराहन करीब दो बजे एक तरफ पूूड़ी, सब्जी का प्रसाद वितरित किया गया। दूसरी तरफ बिरयानी का वितरण हुआ।
-1 सितंबर को गांव में माहौल शांत रहा, कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई।
-2 सितंबर को गांव में कुछ लोगों द्वारा बिरयानी खाने की हवा उड़ी। इसी दिन शुद्धीकरण के लिए आयोजक से मांगे 50 हजार रुपये। पैसे की मांग की खबर लगने पर शाम को पहुंचे कोतवाली प्रभारी चरखारी अनूप कुमार दुबे ने दोनों पक्षों को बैठाकर मामला शांत करा दिया।
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-3 सितंबर को क्षेत्र में भ्रमण के दौरान सालट गांव पहुंचे चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत को ग्रामीणों ने पूरा मामला बताया। तब उन्होंने दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
-4 सितंबर को 23 नामजद और 20 अज्ञात समेत 43 लोगों पर धोखे से बिरयानी खिलाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया।
-5 सितंबर को चरखारी विधायक ने डीएफओ को मजार स्थल की जमीन की जांच करने के निर्देश दिए।
-6 सितंबर को विधायक ने चरखारी विधानसभा क्षेत्र के सभी मजारों का सिजरा मांगा।
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ग्रामीण आपसी सामंजस्य के साथ रह रहे हैं। वह आपस में किसी तरह का विवाद नहीं चाहते हैं लेकिन कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया है।
-स्वामीनाथ, पुलिस अधीक्षक, महोबा।
ग्राम सालट में उर्स कार्यक्रम के मौके पर जुटे 13 गांव के ग्रामीणों को मीठे चावल के नाम पर प्रसाद के रूप में बिरयानी खिला दी गई। इसे बच्चों और महिलाओं को भी खिलाया गया। जब लोगों ने बिरयानी खाई तो हो-हल्ला मच गया। इसके बाद आयोजककर्ता ने 50 हजार रुपये शुद्धीकरण के लिए देने की बात कही लेकिन अन्य गांव के लोग इस पर तैैयार नहीं हुए और मुझे बुलाकर सारी जानकारी दी गई। धोखाधड़ी कर बिरयानी खिलाने का मामला सामने आने पर मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए थे।
-बृजभूषण राजपूत, चरखारी विधायक।