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बर्ड फ्लू: चिड़ियाघर में खाने में किया गया बदलाव, मांसाहारी जानवरों को भैंस का गोश्त, पक्षियों को प्रोट्रीन युक्त अनाज
Wed, 13 Jan 2021 12:10 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 13 Jan 2021 12:10 AM IST
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कानपुर चिड़ियाघर
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद अधिकारियों ने पक्षियों और पशुओं के खाने में बदलाव कर दिया है। सात बाड़ों में रखे गए 935 पक्षियों को ज्यादा प्रोट्रीन वाला अनाज (मक्का, चावल, बाजरा, गेहूं का मिश्रण) दिया जा रहा है।
डेढ़ सौ मांसाहारी जानवरों को भैंस का मांस दिया जा रहा है। दो बुजुर्ग तेंदुओं और छह बिल्लियों को चिकन की जगह बकरे का कीमा दिया जा रहा है। अभी तक चिड़ियाघर में सप्ताह वार पक्षियों को मक्का, चावल, बाजरा, गेहूं दिया जाता था।
बर्ड फ्लू को देखते हुए पक्षियों में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए यह बदलाव किया गया है। जब तक बर्ड फ्लू का प्रकोप कम नहीं होता तब तक यही आहार जानवरों और पक्षियों को दिया जाएगा। वहीं, पक्षियों के बाड़ों की धुलाई ड्राई हीट (गर्म हवा) से की जा रही है ताकि जालियों को वायरसमुक्त किया जा सके। जू के उप निदेशक एके सिंह ने बताया कि बर्ड फ्लू के प्रकोप को देखते हुए जानवरों और पक्षियों के खाने में परिवर्तन किया गया है।
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डेढ़ सौ मांसाहारी जानवरों को भैंस का मांस दिया जा रहा है। दो बुजुर्ग तेंदुओं और छह बिल्लियों को चिकन की जगह बकरे का कीमा दिया जा रहा है। अभी तक चिड़ियाघर में सप्ताह वार पक्षियों को मक्का, चावल, बाजरा, गेहूं दिया जाता था।
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बर्ड फ्लू को देखते हुए पक्षियों में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए यह बदलाव किया गया है। जब तक बर्ड फ्लू का प्रकोप कम नहीं होता तब तक यही आहार जानवरों और पक्षियों को दिया जाएगा। वहीं, पक्षियों के बाड़ों की धुलाई ड्राई हीट (गर्म हवा) से की जा रही है ताकि जालियों को वायरसमुक्त किया जा सके। जू के उप निदेशक एके सिंह ने बताया कि बर्ड फ्लू के प्रकोप को देखते हुए जानवरों और पक्षियों के खाने में परिवर्तन किया गया है।
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