{"_id":"5ffb3fd61ee6e424186d5b71","slug":"bird-flu-confirmed-in-kanpur-zoo-bird-flu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कौवों से कानपुर चिड़ियाघर में आया बर्ड फ्लू, 935 पक्षियों की सैंपलिंग की गई, लक्षण मिलने पर क्वारंटीन किए जाएंगे पक्षी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कौवों से कानपुर चिड़ियाघर में आया बर्ड फ्लू, 935 पक्षियों की सैंपलिंग की गई, लक्षण मिलने पर क्वारंटीन किए जाएंगे पक्षी
Sun, 10 Jan 2021 11:46 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 10 Jan 2021 11:46 PM IST
विज्ञापन
कानपुर चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू की दस्तक
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर चिड़ियाघर में मरे पक्षियों की रिपोर्ट में बर्ड फ्लू (एच5 स्ट्रेन) की पुष्टि के बाद रविवार सुबह से ही बाड़ों में दवाओं का छिड़काव किया गया। आठ टीमों ने सात बाड़ों में मौजूद 935 पक्षियों की रैंडम सैंपलिंग की। जू के सहायक निदेशक ने बताया कि कौवों से चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू आया।
इस बीमारी से यहां पर रेड जंगल फाउल और कड़कनाथ मरे थे। पक्षियों के बाड़ों में दवाई का छिड़काव, सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों से भी पक्षियों पर नजर रखी जा रही है। दर्शकों के लिए चिड़ियाघर अगले आदेश तक पूरी तरह बंद रहेगा।
सहायक निदेशक अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि चिड़ियाघर में कई दुर्लभ प्रजातियों के पक्षी भी हैं। इनमें सफेद मोर, ऑस्ट्रेलियन मकाऊ, पिनटेल आदि हैं। इनके लिए बर्ड फ्लू व वन्य जीव अधिनियम की जो गाइडलाइन बनाई गई हैं, उनका पालन किया जाएगा।
विज्ञापन
अगर किसी पक्षी में बर्ड फ्लू के लक्षण पाए जाते हैं तो उसे क्वारंटीन किया जा जाएगा। स्वास्थ्य परीक्षण होगा। अगर किसी पक्षी को मारना है तो उसके लिए प्रमुख वन संरक्षक की स्वीकृति लेनी होगी। इसको लेकर मुख्य वन्य संरक्षक मंडल केके सिंह, चिड़ियाघर के निदेशक सुनील चौधरी ने अधिकारियों और डॉक्टरों के साथ बैठक कर कार्ययोजना बनाई।
सैंपलों को भोपाल, बरेली भेजा गया
चिड़ियाघर के निदेशक सुनील चौधरी ने बताया कि झील के पानी, मिट्टी, सात बाड़ों के पक्षियों का मल और बाड़ों की मिट्टी को जांच के लिए भोपाल के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीजेेज और बरेली के आरवीआर में भेजा गया है। वहां से 15-15 दिनों के बाद रिपोर्ट मिलेंगी।
दोनों रिपोर्ट निगेटिव रहीं, तभी चिड़ियाघर दर्शकों के लिए खोला जाएगा। रविवार को दिनभर बाडों में सैनिटाइजेशन और सोडियम हाइपो क्लोराइड का छिड़काव किया गया। टीमों ने पक्षियों के हावभाव देखे। पता लगाया कि बर्ड फ्लू के लक्षण, आशंका तो नहीं है।
विज्ञापन
इस बीमारी से यहां पर रेड जंगल फाउल और कड़कनाथ मरे थे। पक्षियों के बाड़ों में दवाई का छिड़काव, सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों से भी पक्षियों पर नजर रखी जा रही है। दर्शकों के लिए चिड़ियाघर अगले आदेश तक पूरी तरह बंद रहेगा।
विज्ञापन
सहायक निदेशक अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि चिड़ियाघर में कई दुर्लभ प्रजातियों के पक्षी भी हैं। इनमें सफेद मोर, ऑस्ट्रेलियन मकाऊ, पिनटेल आदि हैं। इनके लिए बर्ड फ्लू व वन्य जीव अधिनियम की जो गाइडलाइन बनाई गई हैं, उनका पालन किया जाएगा।
विज्ञापन
अगर किसी पक्षी में बर्ड फ्लू के लक्षण पाए जाते हैं तो उसे क्वारंटीन किया जा जाएगा। स्वास्थ्य परीक्षण होगा। अगर किसी पक्षी को मारना है तो उसके लिए प्रमुख वन संरक्षक की स्वीकृति लेनी होगी। इसको लेकर मुख्य वन्य संरक्षक मंडल केके सिंह, चिड़ियाघर के निदेशक सुनील चौधरी ने अधिकारियों और डॉक्टरों के साथ बैठक कर कार्ययोजना बनाई।
सैंपलों को भोपाल, बरेली भेजा गया
चिड़ियाघर के निदेशक सुनील चौधरी ने बताया कि झील के पानी, मिट्टी, सात बाड़ों के पक्षियों का मल और बाड़ों की मिट्टी को जांच के लिए भोपाल के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीजेेज और बरेली के आरवीआर में भेजा गया है। वहां से 15-15 दिनों के बाद रिपोर्ट मिलेंगी।
दोनों रिपोर्ट निगेटिव रहीं, तभी चिड़ियाघर दर्शकों के लिए खोला जाएगा। रविवार को दिनभर बाडों में सैनिटाइजेशन और सोडियम हाइपो क्लोराइड का छिड़काव किया गया। टीमों ने पक्षियों के हावभाव देखे। पता लगाया कि बर्ड फ्लू के लक्षण, आशंका तो नहीं है।