{"_id":"5ffecf318ebc3e31f65e3d35","slug":"bird-flu-chicken-biryani-not-cooking-10-ton-rice-supply-stalled","type":"story","status":"publish","title_hn":"बर्ड फ्लू: नहीं पक रही चिकन बिरयानी, 10 टन चावल की सप्लाई ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बर्ड फ्लू: नहीं पक रही चिकन बिरयानी, 10 टन चावल की सप्लाई ठप
Wed, 13 Jan 2021 04:21 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 13 Jan 2021 04:21 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
बर्ड फ्लू के चलते चिकन पर पाबंदी लगने से चावल और खाने के मसाला कारोबार को भी चपत लगी है। बिरयानी बनाने में प्रयोग किए जाने वाले गोल्डन सेला चावल की सप्लाई ठप हो गई है। शहर की बिरयानी दुकानों में प्रतिदिन करीब 10 टन गोल्डन सेला चावल की खपत होती थी।
इसी तरह गरम मसाला, जावित्री, जायफल आदि मसालों के कारोबार को तगड़ा झटका लगा है। शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों के अलावा होटल, रेस्टोरेंट, मॉल्स, नॉनवेज ढाबों में प्रतिदिन कई टन बिरयानी बनती थी। चिकन पर रोक लगने की वजह से होटल-रेस्टोरेंट संचालकों ने अपने मेन्यू से बिरयानी को हटा दिया है। वहीं इसको बनाने में इस्तेमाल में अन्य वस्तुओं की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। कलक्टरगंज, एक्सप्रेस रोड चावल मंडी से प्रतिदिन चावल और मसाले की सप्लाई होती थी।
विज्ञापन
इसी तरह गरम मसाला, जावित्री, जायफल आदि मसालों के कारोबार को तगड़ा झटका लगा है। शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों के अलावा होटल, रेस्टोरेंट, मॉल्स, नॉनवेज ढाबों में प्रतिदिन कई टन बिरयानी बनती थी। चिकन पर रोक लगने की वजह से होटल-रेस्टोरेंट संचालकों ने अपने मेन्यू से बिरयानी को हटा दिया है। वहीं इसको बनाने में इस्तेमाल में अन्य वस्तुओं की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। कलक्टरगंज, एक्सप्रेस रोड चावल मंडी से प्रतिदिन चावल और मसाले की सप्लाई होती थी।
विज्ञापन
गोल्डन सेला चावल की सबसे अधिक खपत बिरयानी बनाने में होती थी। प्रतिदिन आठ से 10 टन की सप्लाई अलग-अलग जगहों पर होती थी। अब चिकन पर रोक के चलते सप्लाई ठप है।- आशीष मिश्रा, चावल व्यापारी कलक्टरगंज
विज्ञापन विज्ञापन
कोरोना के चलते लोगों को महीनों सरकारी चावल खाने को मिलता रहा। ऐसे में चावल कारोबार पहले से ही गिरावट में चल रहा था। अब बर्ड फ्लू के चलते कारोबार को प्रतिदिन लाखों का नुकसान हो रहा है।- सचिन त्रिवेदी, चावल व्यापारी, एक्सप्रेस रोड
बिरयानी में गरम मसाला बहुत इस्तेमाल होता है। इसके अलावा जावित्री, जायफल की बिक्री प्रतिदिन होती थी। अब चिकन बिक्री पर रोक के चलते इन मसालों के व्यापार पर खासा असर पड़ रहा है। प्रतिदिन लाखों की सप्लाई प्रभावित हो गई है।- अवधेश बाजपेयी, अध्यक्ष दि किराना मर्चेंट एसोसिएशन