बर्ड फ्लू: नहीं पक रही चिकन बिरयानी, 10 टन चावल की सप्लाई ठप
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इसी तरह गरम मसाला, जावित्री, जायफल आदि मसालों के कारोबार को तगड़ा झटका लगा है। शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों के अलावा होटल, रेस्टोरेंट, मॉल्स, नॉनवेज ढाबों में प्रतिदिन कई टन बिरयानी बनती थी। चिकन पर रोक लगने की वजह से होटल-रेस्टोरेंट संचालकों ने अपने मेन्यू से बिरयानी को हटा दिया है। वहीं इसको बनाने में इस्तेमाल में अन्य वस्तुओं की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। कलक्टरगंज, एक्सप्रेस रोड चावल मंडी से प्रतिदिन चावल और मसाले की सप्लाई होती थी।
गोल्डन सेला चावल की सबसे अधिक खपत बिरयानी बनाने में होती थी। प्रतिदिन आठ से 10 टन की सप्लाई अलग-अलग जगहों पर होती थी। अब चिकन पर रोक के चलते सप्लाई ठप है।- आशीष मिश्रा, चावल व्यापारी कलक्टरगंज
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कोरोना के चलते लोगों को महीनों सरकारी चावल खाने को मिलता रहा। ऐसे में चावल कारोबार पहले से ही गिरावट में चल रहा था। अब बर्ड फ्लू के चलते कारोबार को प्रतिदिन लाखों का नुकसान हो रहा है।- सचिन त्रिवेदी, चावल व्यापारी, एक्सप्रेस रोड
बिरयानी में गरम मसाला बहुत इस्तेमाल होता है। इसके अलावा जावित्री, जायफल की बिक्री प्रतिदिन होती थी। अब चिकन बिक्री पर रोक के चलते इन मसालों के व्यापार पर खासा असर पड़ रहा है। प्रतिदिन लाखों की सप्लाई प्रभावित हो गई है।- अवधेश बाजपेयी, अध्यक्ष दि किराना मर्चेंट एसोसिएशन