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Kanpur News: रीजेंट न होने से बंद रखी बायोकेमिस्ट्री मशीन, नहीं हो रहीं जांचे
Sat, 23 Aug 2025 01:46 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 23 Aug 2025 01:46 AM IST
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राजपुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की सुविधा के लिए दी गई बायोकेमिस्ट्री मशीन का संचालन रीजेंट न होने की वजह से रुका है। इससे मरीजों को मजबूरन निजी पैथोलॉजी में रुपये खर्च कर जांच करवानी पड़ रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए राजपुर पीएचसी में जनवरी माह में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) का संचालन किया गया है। मरीजों को किडनी व लीवर की जांच के लिए बायोकेमिस्ट्री मशीन व जांचों के संबंधित आधुनिक मशीनें मुहैया करवाई गई थीं। विभाग यहां मरीजों की 20 प्रकार की जांच की सुविधा का दावा कर रहा है। मगर रीजेंट न आने की वजह से आज तक बायोकेमिस्ट्री मशीन का संचालन नहीं हो सका है। इससे पैथोलॉजी में प्रतिदिन एलएफटी (लीवर फंक्शन टेस्ट) और केएफटी (किडनी फंक्शन टेस्ट) जांच के लिए आने वाले लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ता है।
मरीजों को मजबूरन निजी पैथोलॉजी में 350 से 400 रुपये खर्च करने पड़ते हैं या फिर 40 किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज में जांच करवानी पड़ रही है। हालांकि पैथोलॉजी में प्रतिदिन करीब 50 लोगों की अन्य रक्त से होने वाली जांचें की जाती हैं। पीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित निरंजन ने बताया कि रीजेंट के लिए उच्चाधिकारियों को मांग पत्र भेजा गया है। रीजेंट मिलते ही बायोकेमिस्ट्री मशीन का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
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स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए राजपुर पीएचसी में जनवरी माह में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) का संचालन किया गया है। मरीजों को किडनी व लीवर की जांच के लिए बायोकेमिस्ट्री मशीन व जांचों के संबंधित आधुनिक मशीनें मुहैया करवाई गई थीं। विभाग यहां मरीजों की 20 प्रकार की जांच की सुविधा का दावा कर रहा है। मगर रीजेंट न आने की वजह से आज तक बायोकेमिस्ट्री मशीन का संचालन नहीं हो सका है। इससे पैथोलॉजी में प्रतिदिन एलएफटी (लीवर फंक्शन टेस्ट) और केएफटी (किडनी फंक्शन टेस्ट) जांच के लिए आने वाले लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ता है।
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मरीजों को मजबूरन निजी पैथोलॉजी में 350 से 400 रुपये खर्च करने पड़ते हैं या फिर 40 किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज में जांच करवानी पड़ रही है। हालांकि पैथोलॉजी में प्रतिदिन करीब 50 लोगों की अन्य रक्त से होने वाली जांचें की जाती हैं। पीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित निरंजन ने बताया कि रीजेंट के लिए उच्चाधिकारियों को मांग पत्र भेजा गया है। रीजेंट मिलते ही बायोकेमिस्ट्री मशीन का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
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