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बिकरू कांड: शहीद सिपाही राहुल की पत्नी बनेगी दरोगा, परीक्षा की पास, जल्द होगी ज्वाइनिंग

Sat, 13 Nov 2021 04:10 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sat, 13 Nov 2021 04:10 PM IST
सार

दिव्या ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि वह खुश हैं, लेकिन राहुल होते तो उनकी खुशी दोगुनी हो जाती। उन्होंने अपनी तीन माह की बच्ची को दूर रख कर तैयारी की थी। 2.4 किमी की दौड़ उन्होंने 14 मिनट में निकाल ली थी।

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Bikru scandal: Martyr soldier Rahul's wife will become a inspector, exam passed, joining will be done soon
बिकरू कांड - फोटो : amar ujala

विस्तार

बिकरू कांड में शहीद हुए सिपाही राहुल की पत्नी दिव्या की मेहनत आखिर रंग लाई। शुक्रवार को दरोगा पद के लिए दी गई लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ। दरोगा पद पर चयन होने की खुशखबरी पाकर दिव्या की आंखों से खुशी के आंसू छलक उठे।
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शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा की बेटी को करीब तीन माह पूर्व विभाग में ही ओएसडी पद पर नौकरी दे दी गई थी। सिपाही बबलू कुमार के भाई का भी सिपाही पद के लिए चयन हो गया था। एसआई नेबूलाल, महेश कुमार व सिपाही जितेंद्र पाल के परिजनों ने शासन से समय मांग लिया था।
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वहीं, शहीद एसआई अनूप सिंह, सिपाही सुल्तान की पत्नियां दौड़ नहीं निकाल सकी थीं। उन्हें शासन और विभाग की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिला। सिपाही राहुल की पत्नी दिव्या ने बीते साल दिसंबर में दौड़ निकालने के बाद लिखित परीक्षा दी थी। शुक्रवार को परिणाम घोषित हुआ, जिसमें वह पास हो गईं।
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कड़ी मेहनत की, सरकार ने छूट नहीं दी
दिल्ली निवासी दिव्या ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि वह खुश हैं, लेकिन राहुल होते तो उनकी खुशी दोगुनी हो जाती। उन्होंने अपनी तीन माह की बच्ची को दूर रख कर तैयारी की थी। 2.4 किमी की दौड़ उन्होंने 14 मिनट में निकाल ली थी। मेहनत के बल पर 183 प्रतिभागियों में चौथी रैंक प्राप्त की।


सरकार ने किसी तरह की छूट नहीं दी। उन्होंने सफलता का श्रेय पिता राम आसरे व मां कुंतिदेवी को दिया, जिन्होंने उनकी बच्ची को संभाला और राहुल का सपना पूरा करने के लिए प्रेरित किया। हालांकि, उन्हें अभी भी इस बात का मलाल है कि सरकार ने शहीद की पत्नी होने के बाद भी उन्हें ओएसडी की नौकरी नहीं दी।
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