{"_id":"634863236e0cbf18721203ab","slug":"bikru-case-shiv-tiwari-s-bail-application-rejected-the-court-said-the-offense-is-of-serious-nature-cannot-be-granted-bail-akbarpur-news-knp723125038","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिकरू कांड : शिव तिवारी की जमानत अर्जी खारिज, अदालत ने कहा, अपराध गंभीर प्रकृति का, नहीं दे सकते जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिकरू कांड : शिव तिवारी की जमानत अर्जी खारिज, अदालत ने कहा, अपराध गंभीर प्रकृति का, नहीं दे सकते जमानत
विज्ञापन
कानपुर देहात। बिकरू कांड के मुख्य मामले में आरोपी शिव तिवारी की जमानत अर्जी गुरुवार को अदालत ने खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि शिव तिवारी ने जो अपराध किया है, वह गंभीर प्रकृति का है। इससे जमानत नहीं दी जा सकती।
दो जुलाई 2020 को हुए बिकरू कांड में जेल भेजे गए आरोपी शिव तिवारी की ओर से अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। मंगलवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता रामशंकर अग्निहोत्री ने जमानत अर्जी पर बहस की थी।
कहा था कि शिव तिवारी को पुलिस ने मामले में झूठा फंसाया है। घटना के समय शिव तिवारी के घर में होने के संबंध में तर्क अदालत के सामने रखे थे। वहीं, अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता शशिभूषण सिंह व अमित सिंह ने जमानत अर्जी का विरोध किया।
विज्ञापन
अदालत में बताया था मामले में दरोगा अजहर व कुंवरपाल समेत कई पुलिसकर्मियों ने अपने बयानों में कहा है कि आरोपी शिव तिवारी विकास दुबे के साथ घटनास्थल पर पुलिस कर्मियों पर फायरिंग करते हुए देखा गया था। वह घटना में शामिल रहा है।
मामले में दोनों पक्षों की बहस अदालत ने सुनकर आदेश के लिए पत्रावली सुरक्षित रख ली थी। गुरुवार को सहायक शासकीय अधिवक्ता शशिभूषण सिंह ने बताया कि कोर्ट ने आरोपी शिव तिवारी के अपराध को गंभीर प्रकृति का मानते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
विज्ञापन
दो जुलाई 2020 को हुए बिकरू कांड में जेल भेजे गए आरोपी शिव तिवारी की ओर से अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। मंगलवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता रामशंकर अग्निहोत्री ने जमानत अर्जी पर बहस की थी।
विज्ञापन
कहा था कि शिव तिवारी को पुलिस ने मामले में झूठा फंसाया है। घटना के समय शिव तिवारी के घर में होने के संबंध में तर्क अदालत के सामने रखे थे। वहीं, अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता शशिभूषण सिंह व अमित सिंह ने जमानत अर्जी का विरोध किया।
विज्ञापन
अदालत में बताया था मामले में दरोगा अजहर व कुंवरपाल समेत कई पुलिसकर्मियों ने अपने बयानों में कहा है कि आरोपी शिव तिवारी विकास दुबे के साथ घटनास्थल पर पुलिस कर्मियों पर फायरिंग करते हुए देखा गया था। वह घटना में शामिल रहा है।
मामले में दोनों पक्षों की बहस अदालत ने सुनकर आदेश के लिए पत्रावली सुरक्षित रख ली थी। गुरुवार को सहायक शासकीय अधिवक्ता शशिभूषण सिंह ने बताया कि कोर्ट ने आरोपी शिव तिवारी के अपराध को गंभीर प्रकृति का मानते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी है।