Kanpur: बिकरू कांड में आरोपी खुशी दुबे को रिहाई के लिए देनी होंगी डेढ़ लाख की दो जमानतें
कोर्ट ने आदेश का सत्यापन कराने के बाद बिकरू कांड में आरोपी खुशी दुबे को डेढ़-डेढ़ लाख की दो जमानतें, निजी बंधपत्र और अंडरटेकिंग दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
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बिकरू कांड में आरोपी खुशी दुबे को जेल से रिहाई के लिए डेढ़-डेढ़ लाख की दो जमानतें दाखिल करनी होंगी। पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश शैलेंद्र कुमार वर्मा ने जमानत राशि निर्धारित कर दी है। इसके अलावा 35-35 हजार की दो जमानतें खुशी को फर्जी सिम मामले में भी किशोर न्याय बोर्ड के सामने दाखिल करनी हैं।
इस तरह चार जमानतें दाखिल करने और उनके सत्यापन के बाद ही खुशी की जेल से रिहाई हो सकेगी। बिकरू कांड में आरोपी अमर दुबे की नाबालिग पत्नी खुशी को बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी। खुशी के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि हत्या के मुकदमे की सुनवाई कर रही पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत में गुरुवार को जमानत आदेश दाखिल कर दिया गया था।
कोर्ट ने आदेश का सत्यापन कराने के बाद खुशी को डेढ़-डेढ़ लाख की दो जमानतें, निजी बंधपत्र और अंडरटेकिंग दाखिल करने के आदेश दिए हैं। शनिवार को न्यायालय में दोनों जमानतें व अंडरटेकिंग दाखिल कर दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि फर्जी सिम मामले में पहले ही जमानत हो चुकी थी।
35-35 हजार रुपये की जमानतें दाखिल करने के किशोर न्याय बोर्ड ने आदेश दिए थे लेकिन जमानतें दाखिल नहीं की गई थीं। शनिवार को इस मामले में भी दो जमानतें दाखिल की जाएंगी। इस तरह कुल चार जमानतें, निजी बंधपत्र व अंडरटेकिंग दी जाएंगी। अदालत जमानतों का सत्यापन कराएगी और सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद खुशी की जेल से रिहाई हो जाएगी।
पुलिस ने सख्त किए सुरक्षा इंतजाम
खुशी की जमानत की खबर आने के बाद पुलिस-प्रशासन ने बिकरू कांड से संबंधित मुकदमों की सुनवाई के दौरान अभियुक्तों की अदालत में पेशी को लेकर सुरक्षा और कड़ी कर दी है। सुरक्षा इंतजाम में खासे बदलाव किए गए हैं। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ ही शुक्त्रस्वार को एसीपी व सीओ रैंक के अफसरों ने सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया और मुस्तैद पुलिस बल को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।
खुशी को बुधवार को जमानत मिल गई थी। खुशी की पेशी के दौरान उसकी मां और बहन भी अदालत पहुंची थी जिसके बाद कचहरी परिसर में मीडियाकर्मियों व अन्य लोगों का जमावड़ा लग गया था। इसकी जानकारी पुलिस-प्रशासन को होने के बाद पुलिस ने सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की और आला अफसरों ने बिकरू कांड से संबंधित हत्या के मुकदमे के साथ ही गैंगस्टर मामले या फर्जी सिम मामले में सुनवाई के दौरान अभियुक्तों की अदालत में पेशी को लेकर इंतजामों में फेरबदल कर दिया। शुक्रवार को अदालत में पेशी के दौरान जेल से हवालात लाए गए अभियुक्तों को क्रमवार चार-पांच की संख्या में ही अदालत लाया गया। अभियुक्तों के परिजन मिलने के मौके तलाशते रहे लेकिन सख्त पहरे के चलते मुलाकात नहीं हो सकी। अभियुक्तों के कुछ खाने-पीने की भी पाबंदी रही।