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तकनीकी संस्थानों के गुरु बनेंगे आईआईटी, शिक्षा की गुणवत्ता के साथ शोध और स्टार्टअप को देंगे बढ़ावा
Tue, 02 Mar 2021 02:01 PM IST
शिखा पांडेय
शैली भल्ला, अमर उजाला, कानपुर
शैली भल्ला, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 02 Mar 2021 02:01 PM IST
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आईआईटी कानपुर
तकनीकी संस्थानों को अपग्रेड करने का जिम्मा अब आईआईटी पर है। देश के सभी आईआईटी को कम से कम 10 तकनीकी संस्थानों को गोद लेना होगा। आईआईटी के प्रोफेसर इन सभी संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारेंगे। शिक्षकों को भी मेंटर करेंगे। छात्रों को रिसर्च और स्टार्टअप के गुर भी सिखाएंगे। ये फैसला आईआईटी दिल्ली में हुई आईआईटी काउंसिल की बैठक में हुआ है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि आईआईटी मद्रास इसका नोडल सेंटर होगा। हर आईआईटी को अपनी रिपोर्ट आईआईटी मद्रास को सौंपनी होगी। कॉलेजों का पता लगाने के लिए ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) की मदद ली जाएगी। एआईसीटीई से संबद्ध कमजोर शिक्षा स्तर वाले कॉलेजों के आधार पर सूची बनाई जाएगी।
इसके अलावा बैठक में विदेशी छात्रों के प्रवेश को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। विदेशी छात्रों को जेईई एडवांस सीधे देने का मौका मिलेगा। वह जेईई मेन दिए बिना ही जेईई एडवांस में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा मेधावी विदेशी छात्रों को स्कॉलरशिप भी दी जाएगी। आईआईटी के छात्रावासों का इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने की जिम्मेदारी आईआईटी इंदौर को सौंपी गई है। बैठक में आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर भी शामिल हुए।
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बैठक में निर्णय लिया गया कि आईआईटी मद्रास इसका नोडल सेंटर होगा। हर आईआईटी को अपनी रिपोर्ट आईआईटी मद्रास को सौंपनी होगी। कॉलेजों का पता लगाने के लिए ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) की मदद ली जाएगी। एआईसीटीई से संबद्ध कमजोर शिक्षा स्तर वाले कॉलेजों के आधार पर सूची बनाई जाएगी।
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इसके अलावा बैठक में विदेशी छात्रों के प्रवेश को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। विदेशी छात्रों को जेईई एडवांस सीधे देने का मौका मिलेगा। वह जेईई मेन दिए बिना ही जेईई एडवांस में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा मेधावी विदेशी छात्रों को स्कॉलरशिप भी दी जाएगी। आईआईटी के छात्रावासों का इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने की जिम्मेदारी आईआईटी इंदौर को सौंपी गई है। बैठक में आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर भी शामिल हुए।
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