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आईआईटी : इस साल कोई छात्र नहीं होगा फेल, कोरोना के चलते सीनेट की बैठक में लिया गया फैसला
Wed, 05 May 2021 12:37 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 05 May 2021 12:37 PM IST
सार
पिछले सत्र में दाखिला लेने वाले छात्र एक बार भी संस्थान आकर पढ़ नहीं पाए हैं। इन्हीं सब को देखते हुए अफसरों ने तय किया है कि छात्रों को अकादमिक प्रेशर से दूर रखा जाए।
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आईआईटी कानपुर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कोरोना को देखते हुए कानपुर आईआईटी की सीनेट की बैठक में तय हुआ है कि इस बार किसी भी छात्र को टर्मिनेट नहीं किया जाएगा। साथ ही इस साल कोई भी छात्र फेल नहीं होगा। आईआईटी में पिछले साल मार्च से ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।
पिछले सत्र में दाखिला लेने वाले छात्र एक बार भी संस्थान आकर पढ़ नहीं पाए हैं। इन्हीं सब को देखते हुए अफसरों ने तय किया है कि छात्रों को अकादमिक प्रेशर से दूर रखा जाए। पिछली सेमेस्टर परीक्षा के अंकों के आधार पर छात्रों को नंबर दिए जाएंगे। बता दें कि अभी तक यदि कोई छात्र सेमेस्टर परीक्षाओं में लगातार फेल होता था तो उसे संस्थान से निष्कासित कर दिया जाता था।
इस बार ऐसा नहीं होगा। निदेशक प्रोफेसर अभय करंदीकर ने कहा कि इस नकारात्मक माहौल में छात्रों को कुछ सकारात्मक रखने की कोशिश की गई है। इसके अलावा अंडर ग्रेजुएट छात्रों को लैब फीस में छूट मिलेगी। वहीं, छात्र भी इस फैसले से काफी खुश हैं।
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पिछले सत्र में दाखिला लेने वाले छात्र एक बार भी संस्थान आकर पढ़ नहीं पाए हैं। इन्हीं सब को देखते हुए अफसरों ने तय किया है कि छात्रों को अकादमिक प्रेशर से दूर रखा जाए। पिछली सेमेस्टर परीक्षा के अंकों के आधार पर छात्रों को नंबर दिए जाएंगे। बता दें कि अभी तक यदि कोई छात्र सेमेस्टर परीक्षाओं में लगातार फेल होता था तो उसे संस्थान से निष्कासित कर दिया जाता था।
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इस बार ऐसा नहीं होगा। निदेशक प्रोफेसर अभय करंदीकर ने कहा कि इस नकारात्मक माहौल में छात्रों को कुछ सकारात्मक रखने की कोशिश की गई है। इसके अलावा अंडर ग्रेजुएट छात्रों को लैब फीस में छूट मिलेगी। वहीं, छात्र भी इस फैसले से काफी खुश हैं।
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