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औद्योगिक विकास मंत्री के इस बड़े एक्शन से अफसरों की ‘हवा ढीली’
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 11 Apr 2017 10:26 AM IST
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बैठक में मंत्री सतीश महाना
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कानपुर शहर के विकास के प्रति लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर सोमवार को प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने नकेल कसी। अधूरे काम पर जलनिगम के अधीक्षण अभियंता (एसई) वीके सिंह के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। वहीं बिना सूचना के मीटिंग में अनुपस्थित रहने पर केस्को एमडी रणवीर सिंह प्रसाद और चीफ इंजीनियर से जवाब तलब किया। केस्को एमडी के प्रतिनिधि के तौर पर आए सहायक अभियंता को मीटिंग से वापस कर दिया गया। इसके साथ ही गैर जिम्मेदार अन्य अफसरों के भी पेच कसे।
समग्र विकास की पहली मीटिंग में मंत्री महाना के सख्त तेवर देख अफसरशाही में हड़कंप मच गया। मीटिंग में महाना ने जलनिगम के अधीक्षण अभियंता से जवाहर लाल नेहरू नेशनल अरबन रिन्यूवल मिशन (जेएनएनयूआरएम) के तहत शहरी क्षेत्र में बनाए जा रहे जोनल पंपिंग स्टेशन की प्रगति पूछी। अधीक्षण अभियंता ने अतार्किक तरीके से मंत्री को समझाने की कोशिश की। इस पर मंत्री ने पूछा कि सीधे यह बताइए कि कितने स्टेशन बनने थे और कितने चालू हो पाए।
मंत्री के तेवर देख अधीक्षण अभियंता ने बताया कि 76 में से सिर्फ सात ही चालू हो पाए हैं। महाना ने तत्काल ही इनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी। इसी तरह केस्को एमडी व चीफ इंजीनियर बिना सूचना के मीटिंग से गायब रहे। मंत्री ने इस कृत्य को अनुशासनहीनता माना और इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
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11 फीसदी हुआ काम
जोनल पंपिग स्टेशन बनाकर शहर के विभिन्न हिस्सों में पानी की आपूर्ति सुचारु की जानी थी। वर्ष 2008 में काम शुरू हुआ था। वर्ष 2013 में इसे पूरा होना था। 2017 तक सिर्फ 11 फीसदी ही काम हो सका।
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समग्र विकास की पहली मीटिंग में मंत्री महाना के सख्त तेवर देख अफसरशाही में हड़कंप मच गया। मीटिंग में महाना ने जलनिगम के अधीक्षण अभियंता से जवाहर लाल नेहरू नेशनल अरबन रिन्यूवल मिशन (जेएनएनयूआरएम) के तहत शहरी क्षेत्र में बनाए जा रहे जोनल पंपिंग स्टेशन की प्रगति पूछी। अधीक्षण अभियंता ने अतार्किक तरीके से मंत्री को समझाने की कोशिश की। इस पर मंत्री ने पूछा कि सीधे यह बताइए कि कितने स्टेशन बनने थे और कितने चालू हो पाए।
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मंत्री के तेवर देख अधीक्षण अभियंता ने बताया कि 76 में से सिर्फ सात ही चालू हो पाए हैं। महाना ने तत्काल ही इनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी। इसी तरह केस्को एमडी व चीफ इंजीनियर बिना सूचना के मीटिंग से गायब रहे। मंत्री ने इस कृत्य को अनुशासनहीनता माना और इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
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11 फीसदी हुआ काम
जोनल पंपिग स्टेशन बनाकर शहर के विभिन्न हिस्सों में पानी की आपूर्ति सुचारु की जानी थी। वर्ष 2008 में काम शुरू हुआ था। वर्ष 2013 में इसे पूरा होना था। 2017 तक सिर्फ 11 फीसदी ही काम हो सका।