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कानपुर: आलू की तरह अरबी से बनाई भुजिया, एचबीटीयू के शोधार्थियों ने किया शोध
Sun, 07 Nov 2021 01:00 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 07 Nov 2021 01:00 PM IST
सार
शोधार्थियों ने बताया कि अरबी में स्टार्च ग्रेनुअल्स बहुत छोटे-छोटे होते हैं। यह पेट में आलू की भुजिया के मुकाबले जल्दी पच जाते हैं। बच्चों के लिए भी यह ठीक है।
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एचबीटीयू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के फूड टेक्नोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों ने आलू की भुजिया की तरह अरबी की भुजिया बनाई है। विशेषज्ञों का दावा है कि स्वादिष्ट के साथ यह पौष्टिक भी है। विभाग के शिक्षक डॉ. विवेक सचान के नेतृत्व में शोधार्थियों ने अरबी की भुजिया और चिप्स बनाए हैं।
भुजिया को पेटेंट करा लिया गया है, जबकि चिप्स पर अभी और काम चल रहा है। दि पेटेंट ऑफिस जर्नल में यह शोध प्रकाशित हुआ है। शोधार्थियों ने बताया कि चूंकि अरबी खाने से गले व जीभ में जलन होती है, ऐसे में रासायनिक प्रक्रिया से जलन करने वाले पदार्थ को दूर किया गया।
डॉ. सचान के मुताबिक पदार्थ को हटाने के बचे हिस्से को उबाल कर इसमें बेसन, मक्के का आटा, नमक और रिफाइंड ऑयल निर्धारित समय पर मिलाया गया। फिर तैयार पेस्ट से सेव तैयार कर 180 डिग्री सेल्सियस में फ्राई किए गए।
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जल्दी पच जाते हैं अरबी के स्टार्च
शोधार्थियों ने बताया कि अरबी में स्टार्च ग्रेनुअल्स बहुत छोटे-छोटे होते हैं। यह पेट में आलू की भुजिया के मुकाबले जल्दी पच जाते हैं। बच्चों के लिए भी यह ठीक है। अरबी से बनी भुजिया में तेल कम सोखती है और स्वाद, रंग और करारेपन में भी बेहतर है।
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भुजिया को पेटेंट करा लिया गया है, जबकि चिप्स पर अभी और काम चल रहा है। दि पेटेंट ऑफिस जर्नल में यह शोध प्रकाशित हुआ है। शोधार्थियों ने बताया कि चूंकि अरबी खाने से गले व जीभ में जलन होती है, ऐसे में रासायनिक प्रक्रिया से जलन करने वाले पदार्थ को दूर किया गया।
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डॉ. सचान के मुताबिक पदार्थ को हटाने के बचे हिस्से को उबाल कर इसमें बेसन, मक्के का आटा, नमक और रिफाइंड ऑयल निर्धारित समय पर मिलाया गया। फिर तैयार पेस्ट से सेव तैयार कर 180 डिग्री सेल्सियस में फ्राई किए गए।
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जल्दी पच जाते हैं अरबी के स्टार्च
शोधार्थियों ने बताया कि अरबी में स्टार्च ग्रेनुअल्स बहुत छोटे-छोटे होते हैं। यह पेट में आलू की भुजिया के मुकाबले जल्दी पच जाते हैं। बच्चों के लिए भी यह ठीक है। अरबी से बनी भुजिया में तेल कम सोखती है और स्वाद, रंग और करारेपन में भी बेहतर है।