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Kanpur: भागवत बोले- जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव रोकने के लिए शैक्षणिक, धार्मिक संस्थाएं हों एकजुट
Wed, 16 Apr 2025 10:58 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 16 Apr 2025 10:58 PM IST
सार
Kanpur News: पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों से जुड़े संघ के कार्यकर्ताओं की बैठक में भागवत ने कहा कि पौधे लगाओ, पानी बचाओ, पॉलिथीन हटाओ नारे के साथ काम करने की जरूरत है।
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संघ प्रमुख मोहन भागवत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जलवायु परिवर्तन की वजह से पर्यावरण में हो रहे बदलाव और लोगों पर पड़ रहे उसके दुष्प्रभाव को लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने चिंता जाहिर की है। बुधवार को पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों से जुड़े संघ के कार्यकर्ताओं की बैठक में उन्होंने कहा कि लगातार कम हो रहे वन, नीचे जा रहा भूजल, मिलावटी खाद्य सामग्रियां, सिकुड़ रहीं नदियों पर अंकुश नहीं लगा तो स्थिति काफी भयावह होगी। भागवत ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर छह स्तर पर काम करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक संस्थाओं, नारी शक्ति, स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ जनसंपर्क और जन संवाद के माध्यम से इसमें सुधार लाया जा सकता है। पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के तहत पौधे लगाओ, पानी बचाओ, पॉलिथीन हटाओ के नारे के साथ काम करने की जरूरत बताई। साैर ऊर्जा पर भी विशेष जोर दिया।
उन्होंने इस अभियान से प्रत्येक व्यक्ति को जोड़ते हुए कहा कि घर की बनावट चाहे जैसी हो लेकिन वहां की बालकनी में, छत पर पौधे जरूर लगाएं। सरसंघचालक ने कहा कि जीवन में राष्ट्रभक्ति का भाव आना चाहिए। जैसे यह बिजली और पानी हमारे देश का है। इसे बेकार नहीं करना है। जब राष्ट्र प्रथम का भाव होगा तो हम छोटी-छोटी बातों पर भी विचार करेंगे।
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उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक संस्थाओं, नारी शक्ति, स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ जनसंपर्क और जन संवाद के माध्यम से इसमें सुधार लाया जा सकता है। पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के तहत पौधे लगाओ, पानी बचाओ, पॉलिथीन हटाओ के नारे के साथ काम करने की जरूरत बताई। साैर ऊर्जा पर भी विशेष जोर दिया।
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उन्होंने इस अभियान से प्रत्येक व्यक्ति को जोड़ते हुए कहा कि घर की बनावट चाहे जैसी हो लेकिन वहां की बालकनी में, छत पर पौधे जरूर लगाएं। सरसंघचालक ने कहा कि जीवन में राष्ट्रभक्ति का भाव आना चाहिए। जैसे यह बिजली और पानी हमारे देश का है। इसे बेकार नहीं करना है। जब राष्ट्र प्रथम का भाव होगा तो हम छोटी-छोटी बातों पर भी विचार करेंगे।
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कार्यकर्ताओं संग बैठक करते मोहन भागवत
- फोटो : अमर उजाला
भागवत बोले- धीरे-धीरे समाज में आ रहा परिवर्तन
बोलें, सड़क पर जा रहे हैं, कोई नल खुला है, उसे तभी बंद करेंगे जब यह भाव मन में रहेगा। धीरे-धीरे समाज में परिवर्तन आ रहा है, लेकिन अभी और आवश्यकता है। बैठक में पर्यावरण गतिविधि के कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त क्षेत्र प्रचारक अनिल, प्रांत प्रचारक श्रीराम, प्रांत संघ चालक भवानी भीख, प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. अनुपम, प्रांत सह व्यवस्था प्रमुख विकास, गिरजेश श्रीवास्तव सहित कई अन्य स्वयं सेवक उपस्थित रहे।