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आईपीएल के दौरान 200 करोड़ से अधिक का सट्टा, जयपुर से सोनू सरदार भी फरार, सर्विलांस कर रही ट्रेस
Mon, 14 Sep 2020 01:59 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 14 Sep 2020 01:59 PM IST
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पुलिस की गिरफ्त में आए सटोरियों ने खोले राज
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर में पकड़े गए हाईटेक सटोरियों के कनेक्शन मुंबई और नेपाल के बड़े बुकी से भी जुड़े हैं। ये खुलासा सटोरियों के व्हाट्सएप से हुआ है। ये बुकी क्रिकेट में करोड़ों का सट्टा लगाते हैं। आईपीएल को लेकर ये बेहद सक्रिय हैं। सटोरिए सट्टे से संबंधित 50 से अधिक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े हुए थे। पूरी बातचीत चैट पर होती थी। जरूरत पड़ने पर व्हाट्सएप कॉल करते थे।
पुलिस के मुताबिक आईपीएल के दौरान 200 करोड़ से अधिक का सट्टा खेलते थे। जयपुर में बैठे सोनू सरदार के जरिये ये सटोरिये मुंबई और नेपाल के बुकी के संपर्क में थे जो केवल और केवल क्रिकेट पर ही सट्टा लगाता है। उससे पूरी डीलिंग इंटरनेट कॉल पर होती है। फरार सटोरियों का अभी तक कुछ भी पता नहीं चल सका है। जयपुर से सरगना सोनू सरदार भी फरार हो गया है। इसी गिरोह से संबंधित कुछ अन्य लोग शहर में अलग-अलग जगहों पर सट्टा खिलवा रहे हैं। पुलिस बड़ी कार्रवाई करने की फिराक में हैं।
विदेशी एप से ऑनलाइन सट्टा खेलने और खिलाने वाले बड़े गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ करके छह सटोरियों को गिरफ्तार किया था। 93 लाख 72 हजार 130 रुपये बरामद किए गए थे। नोट गिनने की मशीन के साथ 27 हजार की नेपाली करेंसी भी बरामद हुई थी। श्रीलंका और नेपाल से भी सटोरियों के कनेक्शन हैं। दो सटोरिये फरार हो गए थे।
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पुलिस के मुताबिक आईपीएल के दौरान 200 करोड़ से अधिक का सट्टा खेलते थे। जयपुर में बैठे सोनू सरदार के जरिये ये सटोरिये मुंबई और नेपाल के बुकी के संपर्क में थे जो केवल और केवल क्रिकेट पर ही सट्टा लगाता है। उससे पूरी डीलिंग इंटरनेट कॉल पर होती है। फरार सटोरियों का अभी तक कुछ भी पता नहीं चल सका है। जयपुर से सरगना सोनू सरदार भी फरार हो गया है। इसी गिरोह से संबंधित कुछ अन्य लोग शहर में अलग-अलग जगहों पर सट्टा खिलवा रहे हैं। पुलिस बड़ी कार्रवाई करने की फिराक में हैं।
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विदेशी एप से ऑनलाइन सट्टा खेलने और खिलाने वाले बड़े गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ करके छह सटोरियों को गिरफ्तार किया था। 93 लाख 72 हजार 130 रुपये बरामद किए गए थे। नोट गिनने की मशीन के साथ 27 हजार की नेपाली करेंसी भी बरामद हुई थी। श्रीलंका और नेपाल से भी सटोरियों के कनेक्शन हैं। दो सटोरिये फरार हो गए थे।
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डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने बताया था कि एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार, एसपी साउथ दीपक भूकर और एएसपी ट्रेनी अजय जैन के नेतृत्व में फजलगंज, नजीराबाद और काकादेव में छापा मारकर कौशलपुरी निवासी मोबाइल शॉप मालिक हरप्रीत सिंह बेदी, सूदखोर रीशू अरोरा, सरोजनीनगर फजलगंज से विनोद कुमार छाबड़ा, दर्शनपुरवा से रीजक सिंह और आजाद नगर तिर्वा कन्नौज के गुरमीत सिंह को गिरफ्तार किया था।
ये सभी क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टा खेल रहे थे। हरप्रीत के पास नोट गिनने वाली मशीन, एक रजिस्टर, 11 मोबाइल, और एक लैपटॉप भी मिला। रंजीत उर्फ रिंकू समेत दो सटोरिये फरार हो गए।
इन एप से ऐसे लगाते थे सट्टा
एसपी पश्चिम ने बताया कि क्रिकेट लाइव लाइन, क्रिकेट गुरुज, ऑल द न्यूज, दि मेमोरीज एशियन समेत अन्य कई विदेशी एप के जरिए सट्टा लगाते थे। ये सभी एक साथ आईडी के जरिए जुड़ते थे। स्कोर देखते थे और हर एक मूवमेंट पर सट्टा लगाते थे। स्कोर से लेकर कितने ओवर में कितने रन और विकेट होंगे, तय ओवर में कितने रन बनेंगे या उतने रन नहीं बनेंगे, इन सभी पर सट्टा लगाते थे। अगर एक सटोरिया कम रन बनने का दावा करता तो वो नॉट बोलता या लिखता था। जो तय रन बनने का दावा करता वो यस बोलता। ये इनके कोडवर्ड थे।
ये सभी क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टा खेल रहे थे। हरप्रीत के पास नोट गिनने वाली मशीन, एक रजिस्टर, 11 मोबाइल, और एक लैपटॉप भी मिला। रंजीत उर्फ रिंकू समेत दो सटोरिये फरार हो गए।
इन एप से ऐसे लगाते थे सट्टा
एसपी पश्चिम ने बताया कि क्रिकेट लाइव लाइन, क्रिकेट गुरुज, ऑल द न्यूज, दि मेमोरीज एशियन समेत अन्य कई विदेशी एप के जरिए सट्टा लगाते थे। ये सभी एक साथ आईडी के जरिए जुड़ते थे। स्कोर देखते थे और हर एक मूवमेंट पर सट्टा लगाते थे। स्कोर से लेकर कितने ओवर में कितने रन और विकेट होंगे, तय ओवर में कितने रन बनेंगे या उतने रन नहीं बनेंगे, इन सभी पर सट्टा लगाते थे। अगर एक सटोरिया कम रन बनने का दावा करता तो वो नॉट बोलता या लिखता था। जो तय रन बनने का दावा करता वो यस बोलता। ये इनके कोडवर्ड थे।