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Kanpur News: धनकुट्टी की पुरानी गलियों में दिखा आजादी के दौर का बंगाल

Sat, 10 Oct 2026 02:36 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 10 Oct 2026 02:36 AM IST
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Bengal from the era of independence was visible in the old lanes of Dhankutti.
धनकुट्टी की पुरानी गलियों में  शूटिंग। - फोटो : अमर उजाला
कानपुर। तुम देशद्रोही हो, तुम्हें यहां रहने का अधिकार नहीं है… देशद्रोही, देशद्रोही। अचानक भीड़ में से किसी ने पत्थर फेंका, जो धनकुट्टी की पुरानी धर्मशाला के पास जा गिरा। अगले ही पल जोरदार धमाका हुआ। धुआं उठा, चीख-पुकार मची और कई लोग घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। देखते-ही-देखते भीड़ उग्र हो गई और हिंदू-मुस्लिम आमने-सामने आ गए। पथराव और बम धमाकों के बीच पूरा इलाका दंगों की आग में झुलसता नजर आया। शुक्रवार को धनकुट्टी में यह दृश्य किसी वास्तविक हिंसा का नहीं बल्कि सुधीर मिश्रा के निर्देशन में बन रही वेब सीरीज गांधी एंड माय मदर की शूटिंग का था। तीसरे दिन शूटिंग शाम चार बजे शुरू हुई और अगले दिन सुबह पांच बजे तक चली।
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शहर की ऐतिहासिक इमारतें और संकरी गलियां इन दिनों आजादी के दौर की त्रासदी को जीवंत कर रही हैं। सीरीज के दूसरे चरण की शूटिंग के लिए धनकुट्टी स्थित पुरानी धर्मशाला और आसपास की गलियों को 1947 के बंगाल और कोलकाता के दंगा प्रभावित क्षेत्रों का रूप दिया गया है। शुक्रवार को स्पेशल इफेक्ट्स और आतिशबाजी के जरिये बम धमाकों का दृश्य तैयार किया गया। धर्मशाला में आग, सड़क पर घायल पड़े लोग और धुएं के गुबार के बीच कलाकारों की चीख-पुकार ने दंगों के भयावह माहौल को पर्दे पर उतारा।
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सीरीज की कहानी 1946-47 के बंगाल में हुई सांप्रदायिक हिंसा, नोआखली दंगों और कोलकाता नरसंहार की पृष्ठभूमि से जुड़ी है। उस दौर में महात्मा गांधी ने हिंसा रोकने और सांप्रदायिक सौहार्द कायम करने के लिए शांति यात्राएं कीं और अनशन का सहारा लिया। 15 अगस्त 1947 को देश आजादी का जश्न मना रहा था तब गांधी जी दिल्ली के समारोहों से दूर बंगाल में शांति स्थापित करने के प्रयासों में जुटे थे। शूटिंग के एक अहम दृश्य में बंगाली कलाकार गांधी जी के आमरण अनशन के फैसले पर चर्चा करते नजर आए। संवाद के दौरान कुछ कलाकारों ने सवाल उठाया कि हिंसा और तनाव के माहौल में अनशन कितना उचित होगा। आसपास मौजूद लोग उनकी बातें ध्यान से सुनते और मंथन करते दिखे। सेट पर अनशन की तैयारियों से जुड़े दृश्य भी फिल्माए गए।
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स्थानीय कलाकारों को मिला मौका

शूटिंग में कानपुर के कलाकारों को भी काम करने का अवसर मिला। वरिष्ठ कलाकार राजेंद्र कुमार राज ने बताया कि टीम को शूटिंग स्थल काफी पसंद आया। स्थानीय कलाकार मृदुल दुबे, आकाश दुबे, अंशु कुमार, हिमांशु निषाद, राजा सिंह, प्रशांत, ऋषभ सिंह, चांद, मनोज त्रिवेदी और संजय त्रिवेदी समेत अन्य कलाकार भी सीरीज का हिस्सा हैं। राजेंद्र कुमार राज ने कहा कि जॉली एलएलबी 2, होटल मिलन, मर्डर एक्सप्रेस, ए सूटेबल बॉय और स्कैम 2010 जैसे प्रोजेक्ट के बाद इस सीरीज में काम करना खास अनुभव है। कानपुर का शेड्यूल पूरा होने के बाद टीम अगले चरण की शूटिंग के लिए लखनऊ रवाना होगी।
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