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एक जगह पर बार-बार न लगाएं इंसुलिन का इंजेक्शन, कहीं भारी न पड़ जाए ये गलती
Thu, 24 Jan 2019 01:40 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 24 Jan 2019 01:40 PM IST
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वरिष्ठ मधुमेह और हारमोंस रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋषि शुक्ला ने कानपुर में प्रेसवार्ता में बताया कि हाई ब्लड शुगर इंसुलिन थेरेपी से बेहतर कंट्रोल होती है, लेकिन लोग सुई चुभने के डर से कतराते हैं।
एक जगह इंसुलिन का इंजेक्शन लगाते रहने से गांठें पड़ जाती हैं। एक ही जगह पर बार-बार इंजेक्शन नहीं लगाना चाहिए। एक ही जगह पर कम से कम 15 दिन के अंतराल पर इंजेक्शन लगाना चाहिए।
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एक जगह इंसुलिन का इंजेक्शन लगाते रहने से गांठें पड़ जाती हैं। एक ही जगह पर बार-बार इंजेक्शन नहीं लगाना चाहिए। एक ही जगह पर कम से कम 15 दिन के अंतराल पर इंजेक्शन लगाना चाहिए।
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गांठों में इंजेक्शन लगाने से सुई का दर्द तो नहीं होता, लेकिन इससे दवा ढंग से शरीर में फैल नहीं पाती। जिन्हें दिन में तीन बार इंसुलिन लेनी पड़ती है, वे इंजेक्शन पेट में लगाएं और जो दिन में एक बार दवा लेते हैं, वे जांघ पर लगाएं।
जिन रोगियों की छह महीने की औसत ब्लड शुगर एचबीए1सी 8 या इससे अधिक रहती है, उन्हें इंसुलिन थेरेपी लेनी चाहिए। दो सॉल्ट की दवा लेने वाले रोगियों को भी इंसुलिन की दवा लेनी चाहिए।
जिन रोगियों की छह महीने की औसत ब्लड शुगर एचबीए1सी 8 या इससे अधिक रहती है, उन्हें इंसुलिन थेरेपी लेनी चाहिए। दो सॉल्ट की दवा लेने वाले रोगियों को भी इंसुलिन की दवा लेनी चाहिए।