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Kanpur News: आज से चलेगी बेसिक बर्न यूनिट, रेफर होने वाले मरीजों पर लगेगा अंकुश
Thu, 05 Nov 2026 01:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 05 Nov 2026 01:10 AM IST
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कानपुर देहात। आग या भाप से 40 फीसदी तक झुलसे मरीजों को अब कानपुर की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। मेडिकल कॉलेज में बृहस्पतिवार से बर्न आईसीयू, बेसिक बर्न यूनिट का संचालन शुरू किया जाएगा। यूनिट के शुरू होने से प्रतिमाह होने वाले 20 मरीजों के रेफरल पर अंकुश लगेगा।
जिला अस्पताल परिसर में करोड़ों रुपये की लागत से वर्ष 2017-18 में बर्न यूनिट का भवन तैयार किया गया था। विशेषज्ञ चिकित्सकों, कर्मचारियों और जरूरी संसाधनों की कमी के कारण इसका संचालन नहीं शुरू हो सका। ऐसे में प्रतिमाह आग, भाप व अन्य चीजों से झुलसकर अस्पताल पहुंचने वाले करीब 20 मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति में दूसरे अस्पतालों के लिए रेफर करना पड़ता है।
दिवाली के करीब इन मरीजों की संख्या 60 तक पहुंच जाती है। मरीजों और उनके परिजन को इलाज के लिए दूसरे शहरों की दौड़ लगानी पड़ती है। यहां तक की मामूली रूप से झुलसने वाले मरीज भी रेफर हो जाते थे। प्राचार्य डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता की पहल पर सर्जिकल आईसीयू को बर्न आईसीयू में तब्दील किया गया है। वहीं, मरीजों को भर्ती किए जाने के लिए बेसिक बर्न यूनिट में 10 बेड की सुविधा की गई है।
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साथ ही बर्न यूनिट के संचालन के लिए सर्जन डॉ. शैलेंद्र को नोडल बनाया गया है। इसके साथ ही दो जूनियर रेजीडेंट, छह इंटर्न, चार स्टाफ नर्स, कंसल्टेंट की तैनाती की गई है। प्राचार्य डॉ. अंबरीश गुप्ता ने बताया कि बृहस्पतिवार से बर्न आईसीयू का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। शुरुआती दौर में 40 फीसदी तक झुलसे मरीजों के रेफरल पर अंकुश लगेगा। वहीं, एडवांस बर्न यूनिट में उपकरणों के संचालन के लिए करीब 1060000 रुपये विद्युतीकरण करवाया जा रहा है। जल्द ही कार्य पूरा कर इसका भी संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
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जिला अस्पताल परिसर में करोड़ों रुपये की लागत से वर्ष 2017-18 में बर्न यूनिट का भवन तैयार किया गया था। विशेषज्ञ चिकित्सकों, कर्मचारियों और जरूरी संसाधनों की कमी के कारण इसका संचालन नहीं शुरू हो सका। ऐसे में प्रतिमाह आग, भाप व अन्य चीजों से झुलसकर अस्पताल पहुंचने वाले करीब 20 मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति में दूसरे अस्पतालों के लिए रेफर करना पड़ता है।
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दिवाली के करीब इन मरीजों की संख्या 60 तक पहुंच जाती है। मरीजों और उनके परिजन को इलाज के लिए दूसरे शहरों की दौड़ लगानी पड़ती है। यहां तक की मामूली रूप से झुलसने वाले मरीज भी रेफर हो जाते थे। प्राचार्य डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता की पहल पर सर्जिकल आईसीयू को बर्न आईसीयू में तब्दील किया गया है। वहीं, मरीजों को भर्ती किए जाने के लिए बेसिक बर्न यूनिट में 10 बेड की सुविधा की गई है।
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साथ ही बर्न यूनिट के संचालन के लिए सर्जन डॉ. शैलेंद्र को नोडल बनाया गया है। इसके साथ ही दो जूनियर रेजीडेंट, छह इंटर्न, चार स्टाफ नर्स, कंसल्टेंट की तैनाती की गई है। प्राचार्य डॉ. अंबरीश गुप्ता ने बताया कि बृहस्पतिवार से बर्न आईसीयू का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। शुरुआती दौर में 40 फीसदी तक झुलसे मरीजों के रेफरल पर अंकुश लगेगा। वहीं, एडवांस बर्न यूनिट में उपकरणों के संचालन के लिए करीब 1060000 रुपये विद्युतीकरण करवाया जा रहा है। जल्द ही कार्य पूरा कर इसका भी संचालन शुरू कर दिया जाएगा।