UP: ओएफसी में होता है तोपों और टैंकों की बैरल व गोलों का निर्माण, 12 साल से निर्माणी में काम कर रहा है विकास
Kanpur News: जासूसी के आरोप में पकड़ा गया जूनियर वर्क्स मैनेजर कुमार विकास आरोपी उत्पादन विभाग से जुड़ा है। तोप के गोले बनाने वाले विभाग का प्रभारी था। साथ ही उसका पूरे फैक्टरी एरिया में आना-जाना था। उसके पास हर प्रकार के गोलों के उत्पादन से जुड़ी जानकारी रहती थी।
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एडवांस वेपंस एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड की कालपी रोड स्थित आयुध फैक्टरी कानपुर (ओएफसी) में आईएसआई की घुसपैठ देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील घटना है। ऐसा इसलिए है क्योंकि धनुष व सारंग और टी-90, अर्जुन व टी-72 जैसे जिन तोपों-टैंकों का इस्तेमाल देश की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है, उनकी बैरल और गोलों का निर्माण इसी फैक्टरी में होता है।
पिनाक मल्टी बैरल राकेट लांचर के अलग-अलग संस्करणों के स्टेब्लाइजर भी यहीं बनाए जाते हैं। सूत्रों का कहना है कि फैक्टरी का नया शैल फोर्जिंग प्लांट इसी साल पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा। इसके बन जाने पर 105 से लेकर 155 एमएम के तोप के गोलों का उत्पादन किया जा सकेगा। चूंकि जासूसी के आरोप में पकड़ा गया जूनियर वर्क्स मैनेजर कुमार विकास आरोपी उत्पादन विभाग से जुड़ा है।
12 साल से निर्माणी में कार्यरत है विकास
तोप के गोले बनाने वाले विभाग का प्रभारी था। साथ ही उसका पूरे फैक्टरी एरिया में आना-जाना था। उसके पास हर प्रकार के गोलों के उत्पादन से जुड़ी जानकारी रहती थी। ऐसे में एटीएस के साथ-साथ अब कई अन्य एजेंसियां भी इस बात को जानने में जुट गई हैं कि विकास ने कौन-कौन सी जानकारियां सरहद पार पहुंचाई हैं। बता दें, आईएसआई की नेहा शर्मा नाम की हैंडलर से गोपनीय सूचनाएं साझा करने वाला विकास 12 साल से निर्माणी में कार्यरत है। वो चार्जमैन पद से भर्ती हुआ था।
48 घंटे बाद हो जाएगा निलंबित
वर्तमान में जूनियर वर्क्स मैनेजर पद पर कार्य कर रहा था। पिछले कुछ दिनों से वह फैक्टरी नियमित रूप से नहीं आ रहा था। सूत्रों ने बताया कि यूपी एटीएस की कार्रवाई के बाद जल्द ही फैक्टरी के अधिकारी आंतरिक जांच शुरू करेंगे। सर्विस नियमों के मुताबिक गिरफ्तारी के 48 घंटे बाद आरोपी को निलंबित कर दिया जाएगा।