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कानपुर: 25 दिन बाद भी अपहृत का सुराग नहीं, बर्रा इंस्पेक्टर निलंबित, फिरौती देने के 72 घंटे बाद भी पुलिस खाली हाथ
Thu, 16 Jul 2020 10:53 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 16 Jul 2020 10:53 PM IST
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लैब टेक्नीशियन का अपहरण
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में बर्रा से लैब टेक्नीशियन संजीत यादव अपहरण के मामले में बर्रा थाना प्रभारी रणजीत राय की बड़ी लापरवाही को देखते हुए एसएसपी दिनेश कुमार पी ने गुरुवार को उन्हें निलंबित कर दिया। सर्विलांस प्रभारी हरमीत सिंह को बर्रा थाने का चार्ज सौंप दिया।
25 दिन बीतने के बाद भी युवक का कोई सुराग नहीं लग सका है। फिरौती की रकम देने के 72 घंटे बाद भी पुलिस अपहर्ताओं तक नहीं पहुंच सकी है। बदमाशों ने जिस मोबाइल से फिरौती मांगी थी, वह भी बंद हो गया है। स्वाट टीम को उस मोबाइल की अंतिम लोकेशन फतेहपुर के बिंदकी मिली थी।
एक टीम बिंदकी में अपहर्ताओं की तलाश में जुटी है। बर्रा पांच निवासी चमन सिंह यादव का इकलौता बेटा संजीत कुमार 22 जून की शाम से लापता है। परिजनों ने 24 घंटे बाद ही बेटे की तलाश के लिए पुलिस से संपर्क किया, लेकिन पुलिस टालमटोल करती रही।
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29 जून की शाम को पिता के फोन पर अपहर्ता ने फोनकर 30 लाख की फिरौती मांगी। फिरौती की रकम जुटाने के लिए अपहर्ता ने उन्हें सोमवार तक का समय दिया था। परिजन बदमाशों से हो रही बातचीत की खबर पुलिस को देते रहे, लेकिन पुलिस के कानों में जूं न रेंगी।
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25 दिन बीतने के बाद भी युवक का कोई सुराग नहीं लग सका है। फिरौती की रकम देने के 72 घंटे बाद भी पुलिस अपहर्ताओं तक नहीं पहुंच सकी है। बदमाशों ने जिस मोबाइल से फिरौती मांगी थी, वह भी बंद हो गया है। स्वाट टीम को उस मोबाइल की अंतिम लोकेशन फतेहपुर के बिंदकी मिली थी।
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एक टीम बिंदकी में अपहर्ताओं की तलाश में जुटी है। बर्रा पांच निवासी चमन सिंह यादव का इकलौता बेटा संजीत कुमार 22 जून की शाम से लापता है। परिजनों ने 24 घंटे बाद ही बेटे की तलाश के लिए पुलिस से संपर्क किया, लेकिन पुलिस टालमटोल करती रही।
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29 जून की शाम को पिता के फोन पर अपहर्ता ने फोनकर 30 लाख की फिरौती मांगी। फिरौती की रकम जुटाने के लिए अपहर्ता ने उन्हें सोमवार तक का समय दिया था। परिजन बदमाशों से हो रही बातचीत की खबर पुलिस को देते रहे, लेकिन पुलिस के कानों में जूं न रेंगी।
परिजनों ने आरोप लगाया कि अगर पुलिस बदमाश का नंबर सर्विलांस पर लगा देती तो उसे पकड़ा जा सकता था। लैब टेक्नीशियन की बहन रुचि ने बताया कि एसपी साउथ अपर्णा गुप्ता से मिलकर भाई के अपहरण और फिरौती मांगे जाने की जानकारी दी तो उन्होंने पैसों का इंतजाम करने को कहा।
पुलिस पर भरोसा कर मकान, जेवर बेचकर और रिश्तेदारों से उधार लेकर इतनी बड़ी रकम जुटाई। सोमवार को अपहर्ता ने पैसों से भरा बैग गुजैनी पुल के नीचे फिंकवाया और लेकर फरार हो गया।
झांकने नहीं पहुंचे पुलिसकर्मी
बुधवार को लैब टेक्नीशियन की बहन पर बयान बदलने का दबाव बनाने पहुंचे स्वाट प्रभारी शाम को सच्चाई सार्वजनिक होने के बाद गुरुवार को पीड़िता के घर झांकने नहीं पहुंचे। रुचि ने बताया कि कल तक पुलिसकर्मी घर पर आकर पूछताछ कर रहे थे, गुरुवार को एक भी पुलिसकर्मी घर नहीं आया। किसी ने उनसे फोन पर भी कोई बात नहीं की।
सर्विलांस पर नंबर लगाकर व्यस्त हो गए जिम्मेदार
गुरुवार को मामले में कोई नया सुराग मिलने की उम्मीद पर परिजनों ने स्वाट टीम के एक सदस्य से फोन पर बात की तो उन्होंने बताया कि अपहर्ता का मोबाइल फोन सर्विलांस पर लगा दिया गया है। लोकेशन पता चलते ही पकड़ा जाएगा। बाकी टीम अभी बिकरू कांड की जांच पड़ताल में व्यस्त है।
पुलिस पर भरोसा कर मकान, जेवर बेचकर और रिश्तेदारों से उधार लेकर इतनी बड़ी रकम जुटाई। सोमवार को अपहर्ता ने पैसों से भरा बैग गुजैनी पुल के नीचे फिंकवाया और लेकर फरार हो गया।
झांकने नहीं पहुंचे पुलिसकर्मी
बुधवार को लैब टेक्नीशियन की बहन पर बयान बदलने का दबाव बनाने पहुंचे स्वाट प्रभारी शाम को सच्चाई सार्वजनिक होने के बाद गुरुवार को पीड़िता के घर झांकने नहीं पहुंचे। रुचि ने बताया कि कल तक पुलिसकर्मी घर पर आकर पूछताछ कर रहे थे, गुरुवार को एक भी पुलिसकर्मी घर नहीं आया। किसी ने उनसे फोन पर भी कोई बात नहीं की।
सर्विलांस पर नंबर लगाकर व्यस्त हो गए जिम्मेदार
गुरुवार को मामले में कोई नया सुराग मिलने की उम्मीद पर परिजनों ने स्वाट टीम के एक सदस्य से फोन पर बात की तो उन्होंने बताया कि अपहर्ता का मोबाइल फोन सर्विलांस पर लगा दिया गया है। लोकेशन पता चलते ही पकड़ा जाएगा। बाकी टीम अभी बिकरू कांड की जांच पड़ताल में व्यस्त है।