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जरूरतमंद अधिवक्ताओं को बार काउंसिल देगी पांच-पांच हजार, एल्डर्स कमेटी करेगी आवेदन पत्रों की जांच
Sun, 26 Apr 2020 01:44 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 26 Apr 2020 01:44 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Flickr
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कानपुर में लॉकडाउन के दौरान आर्थिक संकट से जूझ रहे जरूरतमंद अधिवक्ताओं के लिए उप्र बार कौंसिल की ओर से पांच-पांच हजार रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। इसके लिए अधिवक्ताओं को फॉर्म भरकर बार एसोसिएशन में जमा करना होगा।
एल्डर्स कमेटी आवेदन की जांच करेगी। आवेदन सही होने पर तीन दिन में पांच हजार रुपये का चेक दिया जाएगा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्यामजी श्रीवास्तव ने बताया कि बार कौंसिल ने आर्थिक सहायता के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं।
इसके तहत अधिवक्ता बार एसोसिएशन का सदस्य होने के साथ-साथ पांच साल से प्रैक्टिस में होना चाहिए। उसने प्रतिवर्ष कम से कम एक वकालतनामा दाखिल किया हो। आय का कोई दूसरा स्रोत न हो। बच्चे कोई नौकरी न करते हों। पांच बीघा से अधिक खेतिहर जमीन न हो। न ही वह आयकर दाता हो और न ही उसके पास चार पहिया वाहन होना चाहिए।
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इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि लॉकडाउन के दौरान उसने बार एसोसिएशन या बार कौंसिल से कोई आर्थिक सहायता न ली हो। सेवानिवृत्ति के बाद बार का सदस्य बनने वाले पेंशनधारक को इस स्कीम का लाभ नहीं मिलेगा। एक परिवार से एक ही अधिवक्ता को लाभ मिलेगा।
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एल्डर्स कमेटी आवेदन की जांच करेगी। आवेदन सही होने पर तीन दिन में पांच हजार रुपये का चेक दिया जाएगा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्यामजी श्रीवास्तव ने बताया कि बार कौंसिल ने आर्थिक सहायता के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं।
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इसके तहत अधिवक्ता बार एसोसिएशन का सदस्य होने के साथ-साथ पांच साल से प्रैक्टिस में होना चाहिए। उसने प्रतिवर्ष कम से कम एक वकालतनामा दाखिल किया हो। आय का कोई दूसरा स्रोत न हो। बच्चे कोई नौकरी न करते हों। पांच बीघा से अधिक खेतिहर जमीन न हो। न ही वह आयकर दाता हो और न ही उसके पास चार पहिया वाहन होना चाहिए।
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इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि लॉकडाउन के दौरान उसने बार एसोसिएशन या बार कौंसिल से कोई आर्थिक सहायता न ली हो। सेवानिवृत्ति के बाद बार का सदस्य बनने वाले पेंशनधारक को इस स्कीम का लाभ नहीं मिलेगा। एक परिवार से एक ही अधिवक्ता को लाभ मिलेगा।