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'हैरान मत हों यहां तो ऐसा ही है', बैंक अकाउंट 1 लेकिन खातेदार 2
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 14 Sep 2018 09:47 PM IST
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खाता धारक धर्मेंद्र कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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बैंकों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन, वही बैंक जब आपके धन को सुरक्षित न रख सके तो हैरत होती है। ऐसा ही एक मामला रूरा कस्बे की बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में सामने आया है। बैक कर्मियों ने एक खाता संख्या पर दो अलग-अलग लोगों को पास बुकें जारी कर दी। घटना यूपी के कानपर देहात की है।
रूरा कस्बा स्थित बैंक आफ बड़ौदा शाखा में बाजार वार्ड निवासी धर्मेंद्र कुमार पुत्र मातादीन ने 2015 में जनधन खाता खुलवाया। उसी दिन बाजार वार्ड के ही एक अन्य धर्मेंद्र कुमार पुत्र रामऔतार ने जनधन खाता खुलवाया। बैंक कर्मियों की लापरवाही से सिर्फ धर्मेन्द्र कुमार पुत्र माता दीन का खाता खोल कर दोनों को एक ही खाता संख्या की पास बुक जारी कर दी गई। धर्मेंद्र कुमार पुत्र मातादीन कानपुर में प्राइवेट नौकरी करने के चलते खाता में लेन देन नहीं कर सका जबकि अन्य व्यक्ति उस खाते को संचालित करता रहा।
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रूरा कस्बा स्थित बैंक आफ बड़ौदा शाखा में बाजार वार्ड निवासी धर्मेंद्र कुमार पुत्र मातादीन ने 2015 में जनधन खाता खुलवाया। उसी दिन बाजार वार्ड के ही एक अन्य धर्मेंद्र कुमार पुत्र रामऔतार ने जनधन खाता खुलवाया। बैंक कर्मियों की लापरवाही से सिर्फ धर्मेन्द्र कुमार पुत्र माता दीन का खाता खोल कर दोनों को एक ही खाता संख्या की पास बुक जारी कर दी गई। धर्मेंद्र कुमार पुत्र मातादीन कानपुर में प्राइवेट नौकरी करने के चलते खाता में लेन देन नहीं कर सका जबकि अन्य व्यक्ति उस खाते को संचालित करता रहा।
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पैसा निकलने की जानकारी हुई तो मामले का खुलासा हुआ
खाता धारक धर्मेंद्र कुमार
- फोटो : अमर उजाला
13 अगस्त को धर्मेन्द्र कुमार पुत्र रामऔतार पासबुक अपडेट कराने के दौरान खाते में पैसा निकलने की जानकारी हुई तो मामले का खुलासा हुआ। जबकि, खास बात यह रही कि खातेदार तीन साल से खाते को संचालित कर रहे थे। लेकिन बैंक कर्मियों ने लेनदेन में कभी भी ग्राहक के हस्ताक्षर का मिलान करना जरूरी नहीं समझा। पीड़ित ने आईजीआरएस के माध्यम से शासन स्तर पर शिकायत भी की है।
पीड़ित खाताधारक की हरसंभव मदद की जाएगी साथ ही बैंक की भूल से जो भी रुपया गया है उसकी क्षतिपूर्ति की जाएगी व नया खाता खुलवाया जाएगा।
वेद प्रकाश त्रिपाठी, शाखा प्रबंधक, बैंक आफ बड़ौदा
पीड़ित खाताधारक की हरसंभव मदद की जाएगी साथ ही बैंक की भूल से जो भी रुपया गया है उसकी क्षतिपूर्ति की जाएगी व नया खाता खुलवाया जाएगा।
वेद प्रकाश त्रिपाठी, शाखा प्रबंधक, बैंक आफ बड़ौदा