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Kanpur News: शरीर में आई चोटों के कारण हुई थीं बलवंत की मौत
Thu, 04 Jul 2024 10:12 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 04 Jul 2024 10:12 PM IST
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कानपुर देहात। बलवंत हत्याकांड के मामले में की सुनवाई अपर जिला जज पंचम की अदालत में चल रही है। गुरुवार को मामले में अभियोजन गवाह पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने अपने बयान में अदालत को बताया कि बलवंत की मौत उसके शरीर में आई चोटों के कारण हुई थी। मामले में एक आरोपी की ओर से गवाह से जिरह पूरी की गई।
शिवली कोतवाली क्षेत्र के सरैंया लालपुर निवासी बलवंत की रनियां थाने में 12 दिसंबर 2022 को पुलिस की पिटाई से मौत हो गई थी। मामले में तत्कालीन एसओजी प्रभारी सहित आठ पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया था। मामले की सुनवाई अपर जिला जज पंचम पूनम सिंह की अदालत में चल रही है। गुरुवार को अदालत में पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर दीपेंद्र उत्तम के बयान जिला शासकीय अधिवक्ता राजू पोरवाल ने अदालत में दर्ज कराए। इसके बाद बचाव पक्ष की ओर से आरोपी ज्ञान प्रकाश पांडेय की ओर से बचाव पक्ष ने अभियोजन गवाह से घटना के संबंध में जिरह की। इस दौरान अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रशांत कुमार मिश्रा व आशीष कुमार तिवारी मौजूद रहे। वादी पक्ष के अधिवक्ता जितेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि गुरुवार को पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. दीपेंद्र उत्तम ने अपने बयानों में बताया कि उन्होंने अन्य डाक्टर के पैनल के साथ बलवंत सिंह का पोस्टमार्टम कानपुर नगर के जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्सधिकारी के निर्देश पर किया था। मृतक के शरीर में उसकी मृत्यु पूर्व 31 चोटों के निशान मिले थे। इन्हीं चोटों के कारण ही उसकी मौत हुई थी। अभियोजन गवाह से मामले के एक आरोपी तत्कालीन मैथा चौकी इंचार्ज ज्ञान प्रकाश पांडेय की ओर से बचाव पक्ष ने जिरह पूरी की गई। वहीं आरोपी तत्कालीन एसओजी सिपाहियों दुर्वेश कुमार व अनूप कुमार की ओर से बचाव पक्ष ने आंशिक जिरह की। अब शेष जिरह के लिए अदालत ने 5 जुलाई की तिथि नियत की है।
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शिवली कोतवाली क्षेत्र के सरैंया लालपुर निवासी बलवंत की रनियां थाने में 12 दिसंबर 2022 को पुलिस की पिटाई से मौत हो गई थी। मामले में तत्कालीन एसओजी प्रभारी सहित आठ पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया था। मामले की सुनवाई अपर जिला जज पंचम पूनम सिंह की अदालत में चल रही है। गुरुवार को अदालत में पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर दीपेंद्र उत्तम के बयान जिला शासकीय अधिवक्ता राजू पोरवाल ने अदालत में दर्ज कराए। इसके बाद बचाव पक्ष की ओर से आरोपी ज्ञान प्रकाश पांडेय की ओर से बचाव पक्ष ने अभियोजन गवाह से घटना के संबंध में जिरह की। इस दौरान अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रशांत कुमार मिश्रा व आशीष कुमार तिवारी मौजूद रहे। वादी पक्ष के अधिवक्ता जितेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि गुरुवार को पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. दीपेंद्र उत्तम ने अपने बयानों में बताया कि उन्होंने अन्य डाक्टर के पैनल के साथ बलवंत सिंह का पोस्टमार्टम कानपुर नगर के जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्सधिकारी के निर्देश पर किया था। मृतक के शरीर में उसकी मृत्यु पूर्व 31 चोटों के निशान मिले थे। इन्हीं चोटों के कारण ही उसकी मौत हुई थी। अभियोजन गवाह से मामले के एक आरोपी तत्कालीन मैथा चौकी इंचार्ज ज्ञान प्रकाश पांडेय की ओर से बचाव पक्ष ने जिरह पूरी की गई। वहीं आरोपी तत्कालीन एसओजी सिपाहियों दुर्वेश कुमार व अनूप कुमार की ओर से बचाव पक्ष ने आंशिक जिरह की। अब शेष जिरह के लिए अदालत ने 5 जुलाई की तिथि नियत की है।
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