Mahoba: नाबालिग दुल्हन की मांग भर रहा था 22 साल का दूल्हा, पुलिस ने पहुंचकर रुकवाई शादी, पढ़ें पूरा मामला
महोबकंठ थाना क्षेत्र में प्रशासन की चुस्ती से एक बार फिर से एक नाबालिग बच्ची बालिका वधू बनने से बच गई। जानकारी के अनुसार, जनपद बांदा से महोबा के एक गांव बरात आई थी। यहां किसी ने लड़की के नाबालिग होने की सूचना दी और अधिकारियों ने पहुंचकर शादी रुकवाई।
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महोबा जिल में महोबकंठ थाना क्षेत्र के एक गांव में आई बरात बिना दुल्हन बैरंग लौट गई। नाबालिग लड़की की शादी कराने की सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने जांच की। वधू पक्ष के लोग लड़की की उम्र से संबंधित कोई साक्ष्य नहीं दिखा सके।
इस पर अधिकारियों ने शादी की रस्में रुकवा दीं। देर रात तक चली आरजू-मिन्नत के बाद कोई निष्कर्ष न निकलने पर दूल्हा और बराती लौट गए। जानकारी के अनुसार, जनपद बांदा निवासी इमरान की शादी थाना महोबकंठ के कोहनिया गांव में तय हुई थी।
बुधवार की रात करीब नौ बजे बरात धूमधाम के साथ दरवाजे पर पहुंची। बरातियों के स्वागत सत्कार के बाद भोजन चल रहा था। तभी किसी व्यक्ति ने नाबालिग की शादी होने की सूचना जिला प्रशासन को दे दी। डीएम मनोज कुमार के निर्देश पर आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
दुल्हन के नहीं दिखा सके आधार कार्ड
समारोह स्थल पर एसडीएम कुलपहाड़ अरुण कुमार दीक्षित, सीओ हर्षिता गंगवार के अलावा बाल कल्याण विभाग के अधिकारी पहुंचे थे। उन्होंने लड़की के आधार कार्ड व अन्य शैक्षिक अभिलेख मांगे, लेकिन परिजन लड़की का न तो आधार कार्ड दिखा सके और न ही कोई अन्य साक्ष्य दे सके।
परिजन करते रहे रस्में पूरी करने की मिन्नतें
इस पर प्रशासन ने शादी रुकवा दी। इस दौरान वर और वधू पक्ष के लोगों ने शादी की रस्में पूरी होने के लिए आरजू मिन्नत की, लेकिन अधिकारियों ने लड़की के बालिग न होने की बात कहते हुए बरात वापस ले जाने की बात कही। देर रात तक बात न बनने पर बरात बिना दुल्हन के लौट गई।