फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Balcony garden will save your health, pesticides will not enter your bloodstream

Kanpur News: बालकनी बगिया बचाएगी सेहत, कीटनाशक नहीं जाएगा खून में

Fri, 06 Mar 2026 01:35 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 06 Mar 2026 01:35 AM IST
विज्ञापन
Balcony garden will save your health, pesticides will not enter your bloodstream
कानपुर। बालकनी, छतों की बगिया लगाने से कीटनाशक शरीर में जाकर खून में नहीं मिल पाएगा। इससे घातक रोगों से बचाव होगा। खेतों में फसलों पर छिड़के जा रहा कीटनाशक सब्जियों के साथ शरीर में जा रहा है। बालकनी में सब्जियों को उगाने के लिए किचन में बचा हुआ भोजन, फलों के छिलके ही खाद बन जाते हैं। लोगों को न्यूट्रीशन सिक्योरिटी के मद्देनजर सरकार ने किचन गार्ड लगाने के लिए सब्सिडी देने की शुरुआत की है।
विज्ञापन

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बायो केमिस्ट्री विभाग ने रोगियों के खून में कीटनाशक पाए जाने की पुष्टि की है। कीटनाशक विभिन्न रोगों को पैदा कर रहे हैं। इसके साथ ही सब्जियों में पौष्टिकता भी घट रही है जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने प्रति व्यक्ति चार सौ ग्राम सब्जियों का मानक तय किया है। कीटनाशक से बचाव और पौष्टिक सब्जियों के लिए किचन गार्डन सबसे उपयुक्त है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के उद्यान संकाय के अधिष्ठाता और निदेशक प्रसार डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी का कहना है कि इन पौधों का खाद का इंतजाम किचन के कचरे जिसमें बची हुई चीजों, सब्जियों और फलों के छिलकों की खाद से ही हो जाएगा।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि कद्दू, खीरा, टमाटर, ककड़ी, लौकी, मूली गाजर, बैगन, गाजर फूल गोभी, मैथी, धनिया, मिर्चा, स्ट्रॉबेरी, पूसा नन्ना प्रजाति का पपीता आदि किचन गार्डन में उगाया जा सकता है। लोग ग्रो बैग का इस्तेमाल कर सकते हैं। एक मीटर लंबी, आधा मीटर चौड़ी जगह में किचन गार्डन बन जाएगा। इसके साथ छत का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। पौधों और फलों में कीड़ा लगने पर नीम का तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

-------
सरकार ने कुछ जिलों में किचन गार्डन के लिए सब्सिडी देनी शुरू कर दी है। दूसरे चरण की सूची मेंं कानपुर के रहने की उम्मीद है। लोग किचन गार्डन लगा सकते हैं। इससे शुद्ध सब्जियां मिलेंगी। कीटनाशक से बचाव होगा। इसके लिए जिला उद्यान अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
-डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, निदेशक प्रसार, अधिष्ठाता उद्यान संकाय
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed