{"_id":"6879478663b955534a0d055d","slug":"bail-plea-of-accused-of-abetting-suicide-rejected-etawa-news-c-216-1-etw1002-128226-2025-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
विज्ञापन
इटावा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजत सिंह जैन ने एक महिला रिश्तेदार को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में सुनवाई करते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी है। साथ एसएसपी को वरिष्ठ अधिकारी से विवेचना की निगरानी कराने के निर्देश दिए हैं।
भरथना कस्बा निवासी आध्या त्रिपाठी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसके पिता मानसिक रूप से बीमार हैं। उनकी बुआ साधना अवस्थी व उनका पुत्र अतुल अवस्थी निवासी दांदरपुरा थाना बकेवर उनकी देखरेख के लिए रहते थे। उनकी मां उमा त्रिपाठी को अतुल अक्सर परेशान व मारपीट करता था। उसकी प्रताड़ना से परेशान होकर मां ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। इससे उनकी मौत हो गई थी।
पुलिस ने अतुल अवस्थी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में मामला दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। जिला जज की कोर्ट में उसकी जमानत अर्जी लगाई गई थी। जिला जज की अदालत में मामले की सुनवाई की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटें आई थीं। इस वजह से ही उनकी मौत हुई है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने उनकी जमानत के प्रार्थनापत्र को निरस्त कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
भरथना कस्बा निवासी आध्या त्रिपाठी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसके पिता मानसिक रूप से बीमार हैं। उनकी बुआ साधना अवस्थी व उनका पुत्र अतुल अवस्थी निवासी दांदरपुरा थाना बकेवर उनकी देखरेख के लिए रहते थे। उनकी मां उमा त्रिपाठी को अतुल अक्सर परेशान व मारपीट करता था। उसकी प्रताड़ना से परेशान होकर मां ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। इससे उनकी मौत हो गई थी।
विज्ञापन
पुलिस ने अतुल अवस्थी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में मामला दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। जिला जज की कोर्ट में उसकी जमानत अर्जी लगाई गई थी। जिला जज की अदालत में मामले की सुनवाई की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटें आई थीं। इस वजह से ही उनकी मौत हुई है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने उनकी जमानत के प्रार्थनापत्र को निरस्त कर दिया।
विज्ञापन