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घर में 'वर्चस्व का झगड़े' के बीच आजम का खुला खत, लिखा- सबसे ज्यादा परेशान मुसलमान
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 27 Oct 2016 04:21 PM IST
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आजम खान (फाइल फोटो)
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सपा में जारी 'वर्चस्व का झगड़ा' अभी कितने दिन और चलेगा, यह कह पाना मुश्किल है। जहां मामला थोड़ा शांत पड़ता नजर आता है, वहीं पार्टी के किसी बड़े नेता का बयान आ जाता है और मामला फिर से तूल पकड़ लेता है। ऐसे ही समय में गुरुवार को सपा के सीनियर नेता आजम खान के बयान ने विवाद को फिर गरमा दिया।
समाजवादी पार्टी महासचिव आजम खान ने पार्टी के नाम खुले पत्र में लिखा कि सपा में जारी कलह से यदि सबसे ज्यादा कोई परेशान है, तो मुसलमान तबका है। उन्हें अपना भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। ऐसे में वे किसी बेभरोसा राजनीतिक ताकत के सहयोगी नहीं बनना चाहते। बिना कुछ किए ही सभी ने मुस्लिम वोटों को अपनी जागीर समझ रखा है। आगे जोड़ते हुए वे बोले न तो मुसलमान पानी का बुलबुला है और न थाली का बैंगन जिसे कही लुढ़का दिया जाए।
उन्होंने लिखा कि मुसलमानों की हालत पर पैनी नजर है और फैसला लेने में काफी समय है। वे अपना अच्छा बुरा-भला प्रकार से जानते हैं। इसी आधाप पर फैसला अवश्य ही ऐसा होगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि बीजेपी सरकार उत्तर प्रदेश में न बन सके। मुसलमान भी सही मायनों में सेक्युलर हिंदुओं के साथ ही चलना चाहते हैं, लेकिन न तो हारी हुई लड़ाई लड़ना चाहते हैं और न ही बे भरोसा राजनैतिक ताकत के सहयोगी बनना चाहते हैं।
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समाजवादी पार्टी महासचिव आजम खान ने पार्टी के नाम खुले पत्र में लिखा कि सपा में जारी कलह से यदि सबसे ज्यादा कोई परेशान है, तो मुसलमान तबका है। उन्हें अपना भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। ऐसे में वे किसी बेभरोसा राजनीतिक ताकत के सहयोगी नहीं बनना चाहते। बिना कुछ किए ही सभी ने मुस्लिम वोटों को अपनी जागीर समझ रखा है। आगे जोड़ते हुए वे बोले न तो मुसलमान पानी का बुलबुला है और न थाली का बैंगन जिसे कही लुढ़का दिया जाए।
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उन्होंने लिखा कि मुसलमानों की हालत पर पैनी नजर है और फैसला लेने में काफी समय है। वे अपना अच्छा बुरा-भला प्रकार से जानते हैं। इसी आधाप पर फैसला अवश्य ही ऐसा होगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि बीजेपी सरकार उत्तर प्रदेश में न बन सके। मुसलमान भी सही मायनों में सेक्युलर हिंदुओं के साथ ही चलना चाहते हैं, लेकिन न तो हारी हुई लड़ाई लड़ना चाहते हैं और न ही बे भरोसा राजनैतिक ताकत के सहयोगी बनना चाहते हैं।
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