Kanpur: अयोध्या ड्यूटी का नहीं मिला ओवरटाइम, ई-बस चालकों ने की हड़ताल, 18 हजार यात्री परेशान...आज भी मुसीबत
Kanpur News: बस चालकों का कहना है कि वहां पर 16 से 20 घंटे तक काम लिया गया। कहा कि कुछ दिनों में ही होली का त्योहार है। इससे पैसों की जरूरत है, लेकिन अभी भी अधिकारी ओवरटाइम नहीं दे रहे हैं।
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कानपुर में अयोध्या ड्यूटी का ओवरटाइम और अन्य मांगों को लेकर ई-बसों के चालकों ने सोमवार को हड़ताल कर दी। इस कारण शहर के छह रूटों पर दौड़ने वाली 90 ई-बसें अहिरवां डिपो से बाहर नहीं निकल पाईं। इससे शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कंपनी के अधिकारी देर शाम तक चालकों को मनाने में जुटे रहे, लेकिन बात नहीं बनी।
चालकों ने मंगलवार को भी हड़ताल पर रहने की बात कही है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि हड़ताल खत्म कराने के लिए मंगलवार सुबह एक बार फिर से बात की जाएगी। अयोध्या में रामलला के दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ने से शहर की सभी 90 बसों को वहां भेजा गया था। ये बसें 13 मार्च को लौटी हैं। बस चालकों का कहना है कि वहां पर 16 से 20 घंटे तक काम लिया गया।
आश्वासन दिया गया था कि इसका ओवरटाइम मिलेगा, लेकिन अभी तक उन्हें बढ़ा हुआ पैसा नहीं मिला है। कहा कि कुछ दिनों में ही होली का त्योहार है। इससे पैसों की जरूरत है, लेकिन अभी भी अधिकारी ओवरटाइम नहीं दे रहे हैं। इससे आक्रोशित होकर सभी चालकों ने सोमवार को बसें डिपो से बाहर नहीं निकलीं। वे वहीं पर शांतिपूर्वक धरने पर बैठ गए।
अपनी मांगों पर अड़े हैं चालक
इधर, रोड पर ई-बसें न निकले से लोगों को ऑटो और टेंपो से यात्रा करनी पड़ी। इससे पैसा ज्यादा लगने के साथ ही परेशानी का सामना करना पड़ा। उधर, चालकों की हड़ताल की जानकारी मिलने पर अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए। चालक अपनी मांगों पर अड़े हैं। उनका कहना है कि मांगे मानने के बाद ही ई-बसें सड़कों पर दौड़ेंगी।
चालकों की वेतन से संबंधित कुछ मांगें हैं। उस पर कंपनी के पदाधिकारियों से बातचीत जारी है। देर शाम तक बसों का संचालन नहीं हो सका है। मनाने का प्रयास किया जा रहा है। -डीबी सिंह, ई-बसों के मुख्य संचालन अधिकारी
चालकों को 23 मार्च तक बढ़ा हुआ पैसा देने का आश्वासन दिया है। वे तत्काल भुगतान की मांग पर अड़े हैं। मंगलवार सुबह एक बार फिर से समझाने का प्रयास किया जाएगा। -मयंक दीक्षित, ई-बस संचालन कंपनी के मैनेजर
- आईआईटी से संजीव नगर।
- घंटाघर से रनियां।
- जाजमऊ से बिठूर।
- रामादेवी से बिंदकी।
- नौबस्ता से घाटमपुर।
- नौबस्ता से जहानाबा।
रोजाना ढाई लाख आता राजस्व
शहर के छह रूटों पर बसों के संचालित होने पर रोजाना 16 से 18 हजार लोग यात्रा कर रहे हैं। हर दिन किराये के रूप में करीब ढाई लाख रुपये का राजस्व आ रहा है। ई-बसों के रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट के नजदीक से होकर जाने से यात्री इनका उपयोग ज्यादा कर रहे हैं।
- इलेक्ट्रिक बसों के न चलने से रेलवे स्टेशन से रिश्तेदार को लेने के लिए ऑटो और ई-रिक्शे का सफर तय करना पड़ा। वापसी में भी ऑटो और ई-रिक्शे का सहारा लिया।
-अमर सिंह, बर्रा - रनियां की प्राइवेट फैक्टरी में नौकरी करते हैं। रोजाना फजलगंज से ई बस पकड़कर जाते हैं, लेकिन सोमवार को प्राइवेट वाहन करके आवागमन करना पड़ा। -ओमबाबू, परमपुरवा