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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Atiq Shot Dead: Incident of rapid firing from foreign pistol in Chitrakoot Jail

Atiq Shot Dead: याद आ गई चित्रकूट जेल में विदेशी पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग, आज तक नहीं सुलझी ये गुत्थी

Mon, 17 Apr 2023 05:33 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 17 Apr 2023 05:33 PM IST
सार

प्रयागराज से चित्रकूट जिले की सीमा जुड़ी होने के कारण माफिया अतीक अहमद की हनक चित्रकूट जिले में भी थी। जिसमें बरगढ़ से लेकर मऊ क्षेत्र में उसकी तूती बोलती थी। जिसमें जमीनों की खरीद फरोक्त के साथ ही ठेकेदारी का भी काम करता था।

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Atiq Shot Dead: Incident of rapid firing from foreign pistol in Chitrakoot Jail
चित्रकूट जेल गैंगवार (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala

विस्तार

प्रयागराज में तीन शूटरों ने पुलिस बल की मौजूदगी में माफिया अतीक अहमद व उसके भाई अशरफ पर जिस विदेशी पिस्टल से ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं वह विदेशी पिस्टल टिसास जिगाना बताई गई है। आखिर ऐसी कीमती (लगभग 8 लाख रुपये) पिस्टल माफिया व शूटरों के पास कैसे पहुंचती हैं। दो साल पहले 14 मई 2021 को चित्रकूट जेल में माफिया मुख्तार अंसारी के शूटर अंशु दीक्षित ने ऐसी ही टिसास जिगाना से जेल में बंद अपने ही गैंग के मुकीम काला व मेराजुददीन पर ताबडतोड़ गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतार दिया था।
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आजतक यह पता नहीं चल पाया कि यह पिस्टल जेल में कैसे पहुंची थी। टिसास जिगाना पिस्टल में एक बार में 18 गोलियां चल सकती हैं। लगभग आठ लाख की इस पिस्टल के बारे में बताया जाता है कि यह पाकिस्तान से सप्लाई होती है। यह मेड इन टर्की व मेड इन पाकिस्तान लिखी बताई जाती है। इसी पिस्टल से पंजाब के प्रसिद्ध सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या की गई थी।
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इन सारी घटनाओं में यह स्पष्ट हो गया कि यह कीमती पिस्टल माफिया व ऊंची पहुंच रखने वालों के पास हेाती है जिसका प्रयोग इनके शूटर समय समय पर करते हैं। चित्रकूट जेल में माफिया मुख्तार अंसारी का शूटर अंशु दीक्षित बंद था जिसने 14 मई 2021 को अंसारी गैंग के ही अन्य बंद दो साथी मुकीम व मेराज पर इसी पिस्टल से फायर कर मार डाला था। इसके बाद जेल के अंदर ही तत्कालीन एसपी अंकित मित्तल की अगुवाई में पुलिस मुठभेड में अंशु दीक्षित भी ढेर हो गया था। मौके से टिसास जिगाना पिस्टल ही बरामद हुई थी।

जांच एजेंसियां इसकी अभी भी जांच कर रही हैं कि आखिर जेल के अंदर यह पिस्टल कैसे पहुंची। प्रथम दृष्टया बताया गया था कि खाने के टिफिन के साथ शूटर अंशु दीक्षित से मिलने आए कुछ लोगों ने यह पिस्टल पहुंचाई थी। पूरी योजना के तहत जेल में शूट आउट हुआ था। इस संबध में एसपी वृंदा शुक्ला ने बताया कि इस मामले की पुलिस विवेचना की पूरी फाइल सीबीसीआईडी को ट्रांसफर हो गई है। इसलिए वर्तमान स्थिति वहंीं से सही पता चल सकेगी।
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