फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Asthma patients should be cautious in this season, danger increased due to smog, five died

Kanpur: प्रदूषण बढ़ने से बढ़ रही है परेशानी, धुंध से बढ़ा खतरा...पांच की मौत, विशेषज्ञों ने दी है ये सलाह

Fri, 03 Nov 2023 09:52 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 03 Nov 2023 09:52 AM IST
सार

Kanpur News: जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य वरिष्ठ सांस रोग विशेषज्ञ प्रो. एसके कटियार ने बताया कि इस मौसम में स्मॉग रहता है। इसमें ओजोन गैस से सांस की नली में सूजन आ जाती है। कोरोना के कारण जिनके सांस तंत्र में क्षति हुई है। वैसे वे दवाओं से सामान्य रहते हैं, लेकिन इस मौसम में उन्हें दिक्कत जल्दी और गंभीर हो जाती है।

विज्ञापन
Asthma patients should be cautious in this season, danger increased due to smog, five died
कानपुर में प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जो लोग कोरोना की चपेट में आए हैं, वे धुंध के इस मौसम में सतर्क रहें। कोरोना सांस तंत्र खोखला कर गया है। मौसम बदलने से धुंध बढ़ी है तो दवा से नियंत्रित चल रहे दमा और सीओपीडी (सांस नली और फेफड़ों का सिकुड़ जाना) के रोगियों का खतरा बढ़ गया है। दम घुटने से रोगियों की हालत अचानक गंभीर हो जा रही है।

विज्ञापन

धुंध के कारण वाहनों का धुआं ऊपर नहीं जा पाता। नाइट्रस एसिड ओजोन गैस में बदलकर दम घोंट दे रहा है। गुरुवार को पांच दमा रोगियों की मौत हो गई। कई रोगी गंभीर हालत में अस्पतालों में वेंटिलेटर पर भर्ती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पतालों में आ रहे दमा रोगियों की सांस की नली में सूजन आ रही है। इससे ये सांस नहीं ले पाते।

विज्ञापन
Trending Videos

सामान्य लोगों की तुलना में जल्दी हो जाता है निमोनिया
इनमें ज्यादातर रोगी कोरोना की चपेट में आए थे। रोगियों के फेफड़ों में सामान्य लोगों की तुलना में जल्दी निमोनिया हो जाता है। गुरुवार को दमा रोगी शिवराजपुर के रसूल बाबू, मूलगंज के मो. तारिक, शिवकटरा की अरुणा, भार्गव स्टेट के सचिन की मौत हो गई। सचिन को बेहोशी की हालत में लाया गया, वह सांस नहीं ले पा रहा था।

विज्ञापन

हैलट रेफर किया गया, रास्ते में सांस रुक गई सांस
तारिक के फेफड़ों में निमोनिया भी हो गया था। हालत बिगड़ने पर रोगियों को उर्सला लाया गया। इसी तरह दमा रोगी कल्याणपुर के सत्यप्रकाश की मौत हो गई। उनके परिजन विनोद ने बताया कि निजी अस्पताल से उन्हें हैलट रेफर किया गया। रास्ते में सांस रुक गई। उनकी मौत से परिजन रो-रोकर बेहाल हो गए।

विज्ञापन

सांस की नली में आ जाती है सूजन
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य वरिष्ठ सांस रोग विशेषज्ञ प्रो. एसके कटियार ने बताया कि इस मौसम में स्मॉग रहता है। इसमें ओजोन गैस से सांस की नली में सूजन आ जाती है। कोरोना के कारण जिनके सांस तंत्र में क्षति हुई है। वैसे वे दवाओं से सामान्य रहते हैं, लेकिन इस मौसम में उन्हें दिक्कत जल्दी और गंभीर हो जाती है। इससे जान पर बन आ रही है।

वाहनों के धुएं, औद्योगिक प्रदूषण में नाइट्रस ऑक्साइड होती है। जब इस पर धूप पड़ती है तो यह ओजोन गैस में परिवर्तित हो जाती है। ओजोन गैस फेफड़ों में सूजन बढ़ाती है। इससे सांस की दिक्कत होती है। इससे अटैक की फ्रीक्वेंसी बढ़ जाती है। धुंध में पाई जाने वाली ओजोन लेयर वातावरण के ऊपर की ओजोन पर्त से अलग होती है।  -प्रोफेसर (डॉ.) एसके कटियार, पूर्व प्राचार्य जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज

ऐसे करें बचाव

  • अस्थमा और दमा रोगी तुरंत दवा की डोज दुरुस्त करा लें।
  • ऐेसे में बढ़ी हुई दवा की खुराक की जरूरत होती है।
  • धुंध वाले समय घर के बाहर न निकलें।
  • दिन में बाहर जाना हो तो मास्क लगाए रहें।
  • धुंध-धुआं हो तो मॉर्निंग वॉक के लिए जल्दी न जाएं।
  • घर के अंदर हवादार कमरे में योग प्राणायाम करें।
  • खानपान सादा और पौष्टिक रखें, भरपूर नींद लें।
  • सर्द-गर्म के एक्सपोजर से बचें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed